हिसार। गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय (जीजेयू) के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा है कि आधुनिक वैज्ञानिक शोधों की गुणवत्ता स्थापित करने के लिए नवीनतम शोध उपकरणों का ज्ञान होना आवश्यक है। एनएमआर और एचपीएलसी आधुनिक शोध की महत्वपूर्ण तकनीक है। विशेषकर नए वैज्ञानिकों को इन तकनीकों की जानकारी होना आवश्यक है। प्रो. नरसी राम बिश्नोई विश्वविद्यालय के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम सेंट्रल इंस्ट्रूमेंटेशन लेबोरेटरी (सीआईएल) के सौजन्य से कंप्रिहेंसिव हैंड्स ऑन वर्कशॉप ऑन एनएमआर एंड एचपीएलसी टेक्नीक्स पर संपन्न हुई कार्यशाला को बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे। चौधरी रणबीर सिंह सभागार में हुए इस समारोह की अध्यक्षता सीआईएल के निदेशक एवं कार्यशाला के संयोजक प्रो. मनीष अहुजा ने की। इस अवसर पर इस तीन दिवसीय कार्यशाला के संयोजक सचिव प्रो. सीपी कौशिक व प्रो. मनीष कुमार मंच पर उपस्थित रहे।
कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं तकनीकी कौशल सीखने के साथ-साथ ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए मंच भी प्रदान करती हैं। प्रो. मनीष अहुजा ने कार्यशाला की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। प्रतिभागी पूजा, सोनू कुलकर्णी, अरुण सिंह, मुकुल मिश्रा, मनीषा, आदित्य राय तथा हिमांशु ने कार्यशाला के दौरान के अपने अनुभव सांझा किए तथा कहा कि कार्यशाला में सीखी गई तकनीक उनके लिए अत्यंत लाभदायक सिद्ध होंगी। उन्होंने हर पहलु से कार्यशाला की प्रशंसा की।