हिसार। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में एक कच्चे कर्मचारी द्वारा अपनी बहन का टाइपिंग टेस्ट दिलवाने के लिए एक अन्य महिला कर्मचारी पर दबाव बनाया था। हालांकि परीक्षा केंद्र पर सख्ती के कारण वह परीक्षा नहीं दे पाई। मानसिक रूप से परेशान महिला कर्मी ने अब कुलपति को शिकायत दी है। हालांकि कुलपति ने मामले की भनक लगने के बाद पहले ही मामले की जांच के लिए कमेटी बना दी थी। अब महिला स्वयं सामने आई है।
महिला कर्मी ने शिकायत में बताया कि वह प्रिंटिंग विभाग में अनुबंध के आधार पर क्लर्क पद पर कार्यरत है। 12 फरवरी को सुबह विभाग के शिक्षक विकास जांगड़ा उनके पास आए और कहा कि क्लर्क का टाइपिंग टेस्ट हो रहा है और तुम्हें कुछ समय के लिए वहां काम करना है। उसने कहा कि कोई लिखित आदेश तो नहीं आए, तो वह कैसे जाए। इस बीच कर्मचारी संदीप गर्ग वहां आए और दोनों ने उसे कार्यालय से बाहर बुला लिया। उससे कहा गया कि आदेश बाद में मिल जाएंगे, आपकी ड्यूटी वहां लगा दी गई है। बतौर कर्मचारी वह उन पर विश्वास करके वहां चली गई।
एडमिट कार्ड दिया और कहा कि मेरी बहन का टेस्ट देना है -
महिला ने शिकायत में बताया कि वह कंप्यूटर सेंटर पहुंची तो लंबी लाइन लगी थी। कर्मचारी और शिक्षक दोनों ने एडमिट कार्ड उसे पकड़ाते हुए कहा कि यह संदीप गर्ग की बहन का एडमिट कार्ड है और उसकी जगह तुम्हें परीक्षा देनी है। इस पर महिला ने मना कर दिया तो उसकी बात अनसुना करते हुए कहा कि मोबाइल हमें दे दो और कुछ समय के लिए बाथरूम में चली जाओ। वर्ना यहां झगड़ा हो जाएगा। वह अंदर गई तो दोनों ने बाहर से दरवाजा बंद कर दिया।
पिता कुलपति के ओएसडी हैं.. कहकर एक घंटा बाथरूम में रखा बंद
महिला ने बताया कि बाथरूम में उसे एक घंटे तक बंद रखा गया, जिससे वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हो गई। बाहर निकलने पर उसने फिर मना किया तो कहा कि उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो जाएगी और नौकरी से भी जाएगी। विकास जांगड़ा ने धमकी देकर कहा कि उसके पिता कुुलपति के ओएसडी हैं और जो वे चाहेंगे वैसा ही होगा। युवती ने कहा कि इसके बाद वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हो गई और उसके पिता के साथ रात को ही इलाज के लिए अस्पताल जाना पड़ा।
जांच कमेटी बना दी है
परीक्षा के दौरान पूरी एहतियात बरती गई थी। यही कारण रहा कि हमारे अधिकारियों ने मामले को भांप लिया और लड़की पेपर नहीं दे पाई। उसी दिन कंप्यूटर सेंटर के निदेशक ने मुझे शिकायत की थी। छात्रा की शिकायत से पहले ही हमने मामले की जांच के लिए कमेटी बना दी थी और जिस कर्मचारी का जिक्र आ रहा है, उसका तबादला कर दिया था। सीसीटीवी और वीडियो रिकॉर्डिंग और सीसीटीवी के आधार पर पूरी जांच होगी और दोषी पर सख्त कार्रवाई करेंगे।
- प्रो. टंकेश्वर कुमार, कुलपति, गुजवि।