अब नए साल से शहर की सड़कों पर कोड नंबर वाले ऑटो ही दौड़ सकेंगे। ट्रैफिक पुलिस ने ऑटो चालकों के साथ मंगलवार को मीटिंग कर उन्हें यह दिशा निर्देश दिए हैं।
जिन ऑटो चालकों के पास पूरे कागजात है और सड़कों पर कानूनी रूप से दौड़ सकते हैं ऑटो यूनियन उन्हें एक कोड नंबर देगी। यह कोड एक तरह से सीरियल नंबर होगा।
उस सीरियल नंबर के आधार पर ऑटो चालक का पूरा बायोडाटा पुलिस के रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्जे होगा। कोड नंबर के आधार पर चंद सेकेंड में ऑटो चालकों का डाटा पुलिस की नजरों में आ जाएगा।
ऑटो चालक अगर कहीं गलती करेंगे। कहीं कोई लेन तोड़ेंगे या फिर दुर्घटना करेंगे तो उनका ऑटो नंबर की बजाए अगर उसका कोड नंबर भी कोई बता देगा तो उसे पुलिस द्वारा पकड़ना भी आसान होगा।
पुलिस ने ऑटो चालकों को कोड नंबर लिखवाने, रूट प्लेट लगवाने व लेन में चलने सहित सभी कमियों को पूरा करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया। ऐसा न करने वालों पर फिर पुलिस सख्ती से निपटेगी।
बस स्टैंड से खाली नहीं चलेंगे ऑटो
ट्रैफिक पुलिस एसएचओ जगदेव सिंह ने बताया कि कोई भी ऑटो चालक खाली नहीं चलेंगे। बस स्टैंड से वे तभी चलेंगे जब कम से कम उनके पास तीन सवारियां हों।
पुलिस ने बताया कि ऑटो चालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी भी हालात में ऑटो खाली न चलाएं। खाली ऑटो के कारण शहर में जाम बढ़ता है।
सवारियां भरने के लिए फिर वे जगह-जगह रुकते हैं, जिसके कारण जाम की स्थिति बढ़ जाती है।
तीन-तीन के गैप पर लेन में चलेंगे ऑटो
ऑटो चालक शहर में लेन में ऑटो चलाएंगे। ऐसा भी नहीं होगा कि सभी ऑटो रेल के डिब्बों की तर्ज पर लेन में चलेंगे। उन्हें तीन-तीन ऑटो के बाद कुछ दूरी बना कर रखनी होगी। यानी हर तीन ऑटो के बाद गैप रखा जाएगा।
हर ऑटो पर होगी रूट प्लेट
ऑटो चालकों को डीएसपी ट्रैफिक ने निर्देश दिए हैं कि वे हर ऑटो पर रूट प्लेट लगाएं ताकि जाम कम हो सके।
उन्होंने ऑटो चालकों को समझाया कि रूट प्लेट लगी होगी तो सवारियां बार-बार उन्हें रोककर नहीं पूछेंगी कि आप कहां जा रहे हो। ऐसा करने से बार बार ट्रैफिक बाधित होता है और जाम की स्थिति बन जाती है।
ऑटो चालकों ने रोया दुखड़ा
ऑटो चालकों ने डीएसपी जयपाल के समक्ष अपनी मांग भी रखी है उन्होंने कहा कि जिन ऑटो चालकों के पास डीएल नहीं है या अन्य कागजात की कमी है प्रशासन उनके लिए एक विशेष सप्ताह के लिए कैंप लगाए ताकि वे इन्हें पूरा करवा लें।
ऑटो यूनियन के प्रधानों ने कहा कि ऑटो चालक कम पढ़े लिखे हैं और इन कामों के लिए उन्हें चक्कर काटने पड़ते हैं, जिसके कारण वे कागजात पूरा नहीं करवा पाते।
हर ऑटो पर एक कोड नंबर लिखा होगा जो सीरियल वाइज होगा। इस पूरी व्यवस्था के लिए उन्हें सात दिन का समय दिया गया है। इसके बाद ऑटो चालकों पर सख्ती की जा जाएगी। व्यवस्था के अनुसार न चलने वालों के चालान होंगे।
- जयपाल सिंह, डीएसपी ट्रैफिक
प्रदेश उप प्रधान दीपक सेहरा व दूसरी ऑटो यूनियन के सदस्यों के साथ ट्रैफिक डीएसपी व एसएचओ की मीटिंग हुई थी। नए साल से पूरे कागजात वाले ऑटो पर कोड नंबर लगाकर चलाए जाएंगे।
जिनके कागजात पूरे नहीं होंगे उनका रजिस्ट्रेशन नहीं होगा। हर ऑटो पर रूट प्लेट भी लगी होगी। प्रशासन हमारा सहयोग करे हम भी पूरा सहयोग करने को तैयार हैं।
- जसवंत रंगा, प्रधान ऑटो रिक्शा कल्याण संघ