सीएम नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस के वोट चोरी मुद्दे पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस ने घोटालों से लोगों की जेब ही चोरी कर ली। उन्होंने कहा कि 1948 में जवाहर लाल नेहरू के कार्यकाल में पहला सबसे बड़ा जीप घोटाला हुआ। एलआईसी का घोटाला, कॉमनवेल्थ घोटाला, कोयला घोटाला, टू जी घोटाला, नेशनल हेराल्ड घोटाला, वाड्रा डीएलएफ का घोटाला कांग्रेस ने किया। कांग्रेस ने आपातकाल लगाकर लोगों के संवैधानिक हक का गला घोंटने का काम किया था।
हांसी में विकास रैली को संबोधित करते हुए सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि कांग्रेस के युवराज अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन को तलाशने के लिए वोट चोरी का भ्रामक प्रचार कर रहे हैं। सच्चाई यह है कि कांग्रेस पार्टी खुद अपने पूरे राजनीतिक इतिहास में फर्जीवाड़े, भ्रष्टाचार और लोकतंत्र की हत्या की प्रतीक रही है। कांग्रेस ने आपातकाल लगाकर लोगों के संवैधानिक अधिकारों का गला घोंटा था। इस पार्टी ने हर चुनाव में किसी न किसी रूप में धांधली करने का इतिहास रचा है। कांग्रेस सरकारों के समय बूथ कैप्चरिंग, लाठी-डंडों से दबाव, शराब और पैसे बांटकर वोट खरीदना एक आम बात हुआ करती थी। कांग्रेस के समय रोहतक, भिवानी और फरीदाबाद में बूथ कैप्चरिंग की घटनाओं में पकड़ी गई थी। कांग्रेस नेताओं के खिलाफ मतदाता सूची में गड़बड़ी करवाने के केस दर्ज हैं। कांग्रेस के लोगों की नकली पहचान पत्र बनवाकर वोट डलवाने की शिकायतें बार-बार आती रही।
एसआईआर को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश
एसआईआर को लेकर भी लोगों में भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है। 1952,1957, 1961, 1965-66, 1983-84, 1987-89, 1992-93-95 ,2002-03 में एसआईआर के तहत मतदाता सूचियों का गहन पुनरीक्षण हुआ है। उस समय में अधिकतर विपक्ष की ही सरकारें देश में सत्ता में थीं। तब न तो लोकतंत्र खतरे में था, न संविधान पर संकट था और न ही चुनाव आयोग पर सवाल उठाए गए। 2025 में चुनाव आयोग ने एसआईआर का फैसला लिया तो अचानक लोकतंत्र खतरे में कैसे आ गया?