हिसार। मान्यता देने के नाम पर निजी स्कूल संचालक से रिश्वत लेने के मामले में शिक्षा निदेशालय के प्रधान सचिव पंकज अग्रवाल ने हिसार डीईओ कार्यालय में क्लर्क पद पर कार्यरत राजेश को भी निलंबित कर दिया है। वीरवार को डीईओ प्रदीप नरवाल को निलंबित किया गया था। यह पूरी कार्रवाई मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के आदेश पर की गई है।
प्रधान सचिव पंकज अग्रवाल ने बताया कि शिकायतकर्ता ने सीएम कार्यालय को ऑडियो भी भेजी थी, जिसे स्वयं मुख्यमंत्री ने सुनकर हिसार डीईओ प्रदीप सिंह नरवाल व क्लर्क राजेश को निलंबित करने के आदेश शिक्षा निदेशालय को जारी किए। इस पर वीरवार दोपहर को पत्र जारी कर कार्रवाई की गई। इस मामले मेंविजिलेंस टीम को मामले की जांच करने के आदेश दिए हैं।
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यह था मामला
सातरोड के एक निजी स्कूल संचालक ने बताया कि डीईओ ने पत्र के माध्यम से उन्हें 25 जून 2024 को उनके स्कूल में मान्यता से संबंधित विजिट करने की सूचना दी। हालांकि आला अधिकारी अपनी टीम के साथ एक दिन पहले 24 जून को ही स्कूल में पहुंचे और मानकों का निरीक्षण शुरू कर दिया। आला अधिकारी ने कई खामियां गिनाकर मान्यता देने से इन्कार कर दिया। निजी स्कूल के संचालक ने बताया कि इस बारे में वे डीईओ कार्यालय में आए और आपत्ति का कारण पूछा था। हालांकि डीईओ ने कारण बताने से इन्कार कर दिया था। निजी स्कूल संचालक ने बताया कि 12 अक्तूबर को दूसरी बार डीईओ प्रदीप सिंह नरवाल अपनी टीम के साथ उनके स्कूल में पहुंचे थे, जिसके बाद मानकों की जांच कर खामियां गिनाईं। निजी स्कूल संचालक का आरोप है कि डीईओ कार्यालय की ओर से फोन पर उनसे मान्यता देने के नाम पर 3 लाख रुपये की डिमांड की, जिस पर उन्होंने देने से इन्कार कर दिया था, जिसकी शिकायत बीते 4 दिन पहले उन्होंने सीएम से की थी।
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वर्जन
सीएम कार्यालय की ओर से हमें आदेश मिले थे कि हिसार डीईओ को निलंबित कर दिया जाए। डीईओ ने एक निजी स्कूल संचालक से मान्यता देने के नाम पर रिश्वत देने की डिमांड की थी। निजी स्कूल संचालक ने सीएम को सीधे तौर पर शिकायत भेज दी थी। साथ ही क्लर्क राजेश को भी निलंबित किया गया है।
- पंकज अग्रवाल, प्रधान सचिव, शिक्षा निदेशालय, पंचकूला।