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Hisar News: जीजेयू में सिविल इंजीनियरिंग विभाग का होगा विलय

Wed, 07 Jan 2026 11:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
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हिसार। गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय (जीजेयू) में सिविल इंजीनियरिंग विभाग को आगामी शैक्षणिक सत्र से इनवायर्नमेंटल साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में विलय कर दिया जाएगा। इस संबंध में विश्वविद्यालय की 64वीं शैक्षणिक परिषद की बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। बैठक कुलपति कार्यालय के कमेटी हॉल में आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने की। बैठक का संचालन कुलसचिव डॉ. विजय कुमार ने किया।
कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने बताया कि शैक्षणिक परिषद की बैठक में बीएससी नर्सिंग की 100 सीटों और पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग की 60 सीटों को भी अनुमोदन प्रदान किया गया है। इसके अलावा एडवांस डिप्लोमा इन चाइल्ड गाइडेंस एंड काउंसलिंग कोर्स को भी परिषद की मंजूरी मिली है। ये सभी कोर्स विश्वविद्यालय में पहले से संचालित किए जा रहे हैं।
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उन्होंने बताया कि इस महत्वपूर्ण बैठक में 40 से अधिक प्रस्तावों पर गहन चर्चा के बाद स्वीकृति दी गई। इनमें विश्वविद्यालय के सभी आठ संकायों से संबंधित विभिन्न पाठ्यक्रमों की स्कीम और सिलेबस से जुड़े प्रस्ताव शामिल रहे। पाठ्यक्रमों को अधिक रोजगारपरक और समय की मांग के अनुरूप बनाने के उद्देश्य से सिलेबस में महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं।
कुलपति ने बताया कि एमसीए पाठ्यक्रम में औद्योगिक प्रशिक्षण को अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियों को भी अनिवार्य किए जाने संबंधी प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई है।
बैठक में विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन (सीडीओई) के ऑनलाइन और ओडीएल कोर्सों से संबंधित प्रॉस्पेक्टस, विश्वविद्यालय शिक्षण विभाग (यूटीडी) एवं संबद्ध महाविद्यालयों के पाठ्यक्रमों से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। कुलपति प्रो. बिश्नोई ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (एनईपी-2020) को विश्वविद्यालय के अंडरग्रेजुएट पाठ्यक्रमों में पहले ही लागू किया जा चुका है। अब इसे पोस्टग्रेजुएट पाठ्यक्रमों में भी लागू करने संबंधी प्रस्ताव को शैक्षणिक परिषद ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय में संचालित जर्मन और फ्रेंच सहित विदेशी भाषाओं के पाठ्यक्रमों और अन्य नए कोर्सों को भी मंजूरी दी गई है।
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ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से आयोजित इस बैठक में पूर्व कुलपति प्रो. जेपी यादव, केंद्रीय विश्वविद्यालय हरियाणा के प्रो-वाइस चांसलर प्रो. पवन कुमार, चंडीगढ़ से प्रो. जगदीश कुमार, पंजाब तकनीकी विश्वविद्यालय से प्रो. मंजीत बंसल, शारदा विश्वविद्यालय नोएडा से प्रो. सलीम सिद्दकी, आईआईटी नई दिल्ली से प्रो. विवेक कुमार सहित कई शिक्षाविद उपस्थित रहे।
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