हिसार। 12 क्वार्टर रोड स्थित योग नगर निवासी एक वर्ष दो माह के बच्चे दिव्यांशु की शुक्रवार को शहर के निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। बच्चे के परिजनों ने मामले में डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नागरिक अस्पताल में अस्पताल प्रशासन के खिलाफ रोष जताया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को शांत करवाया।
इस मामले में मृतक के परिजनों ने पुलिस को भी शिकायत दी है। पुलिस द्वारा मृतक दिव्यांशु के शव के पोस्टमार्टम करवाने के लिए चिकित्सकों का बोर्ड गठित किया गया। देर शाम को पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। फिलहाल शव के विसरा जांच के लिए भेजे गए हैं।
पिता का आरोप : बिना बताए नागरिक अस्पताल किया रेफर
मृतक के पिता सुरेंद्र ने बताया कि दिव्यांशु को निमोनिया की शिकायत होने पर उसे 19 फरवरी को सोनाक्षी अस्पताल में दाखिल करवाया था। वहां उसे वेंटीलेटर पर रखा गया। सुरेंद्र का कहना है कि दूसरे दिन ही बच्चा बेसुध हो गया। सुरेंद्र ने आरोप लगाया कि उस दौरान उसके बेटे की मौत हो चुकी थी, लेकिन अस्पताल प्रशासन दिव्यांशु के उपचार का दिखावा करता रहा और इलाज के बहाने रुपये लेता रहा। दिव्यांशु के पिता सुरेंद्र ने कहा कि उन्हें शुक्रवार सुबह 12 क्वार्टर चौकी पुलिस ने सूचना दी कि दिव्यांशु की मौत हो चुकी है और वह नागरिक अस्पताल में है। उसके बाद वह सुबह करीब साढ़े पांच बजे नागरिक अस्पताल पहुंचे तो वहां दिव्यांशु मृत मिला। सुरेंद्र का आरोप है कि सोनाक्षी अस्पताल के चिकित्सकों ने उन्हें सूचित किए बिना ही दिव्यांशु को नागरिक अस्पताल रेफर कर दिया।
11 हजार रुपये प्रतिदिन जमा कराए
सुरेंद्र का आरोप है कि 19 से 23 फरवरी तक वह प्रतिदिन करीब 11 हजार रुपये अस्पताल में जमा करवाता रहा। 24 फरवरी को उसके पास अस्पताल से पेमेंट के लिए फोन आया। 22 फरवरी को एमआरआई भी करवाई थी। सुरेंद्र के अनुसार डॉक्टर ने उससे कहा कि अब तो आयुष्मान कार्ड बन गया है, आपके क्या रुपये लग रहे हैं, आप इसे यहीं रहने दें, दो-चार दिन और रख लेते हैं। सुरेंद्र ने बताया कि उस दौरान डॉक्टर ने उसे कहा कि अगर बच्चा स्वस्थ भी हो जाएगा तो भी वह अपंग हो जाएगा।
मृतक पार्थ के पिता बोले - पुलिस बोली तू पंचायती बन रहा है क्या
दिव्यांशु की मौत की सूचना पर पार्थ के पिता मोहित भी अस्पताल पहुंचे। उस दौरान मौके पर डीएसपी हेडक्वार्टर अशोक सहित चार अन्य पुलिसकर्मी भी मौजूद थे, लेकिन मोहित के आने के बाद हंगामे की आशंका के चलते पुलिस की 6 गाड़ियां और वहां पहुंचीं, जिससे नागरिक अस्पताल छावनी में तबदील हो गया। मामले में मृतक पार्थ के पिता का आरोप है कि जब उन्होंने वहां दिव्यांशु के परिजनों को सांत्वना देनी चाही तो मौके पर मौजूद पुलिस ने उनसे बहस की और कहा कि तू पंचायती बन रहा है क्या। मोहित का कहना है कि उनके बेटे की मौत के समय उनका साथ शहरवासियों ने दिया, इसलिए वह अस्पताल आया ताकि पार्थ के साथ-साथ दिव्यांशु को भी न्याय मिले।
यह बोले सोनाक्षी अस्पताल के डॉक्टर
सोनाक्षी अस्पताल के डॉ. हर्ष भ्याणा ने मामले में जवाब दिया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। डॉ. हर्ष ने बताया कि जब दिव्यांशु को अस्पताल लाया गया था तो उसे निमोनिया था, उसे हार्ट अरेस्ट हुआ था, जिस कारण उसका ब्रेन डेड हो गया था। डॉ. हर्ष ने बताया कि दिव्यांशु के परिजन पुलिस के साथ वीरवार रात 3 बजे आए थे। परिजन कह रहे थे कि बच्चा मर चुका है, लेकिन हमने पुलिसकर्मियों को कहा था कि बच्चे की नब्ज चल रही है, मृत घोषित नहीं कर सकते।
विसरा रिपोर्ट के बाद करेंगे आगामी कार्रवाई
दिव्यांश के शव का डॉक्टरों के मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया गया है। विसरा जांच के लिए भेजे गए हैं। अब इसकी रिपोर्ट के आधार पर ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। अभी केवल इस मामले में मृतक के परिजनों के बयान पर शिकायत दर्ज की गई है।
-अशोक कुमार, डीएसपी, हेडक्वार्टर, हिसार।
नागरिक अस्पताल में मौजूद मृतक दिव्यांशु के परिजन।- फोटो : Hisar