भिवानी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत हरियाणा सरकार ने प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में हर वर्ष जुलाई के प्रथम शनिवार को शतरंज दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्राचार्यों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
हरियाणा शतरंज संघ (एचसीए) के प्रदेश महासचिव ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य छात्रों में शतरंज के माध्यम से बौद्धिक क्षमता, तार्किक सोच और निर्णय लेने की क्षमता को विकसित करना है।
कुलदीप ने बताया कि शतरंज सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि जीवन की रणनीतियों को समझने का माध्यम है, जो बच्चों के मानसिक विकास में सहायक सिद्ध होता है। उन्होंने बताया कि इस आयोजन की पूरी जानकारी एचसीए की वेबसाइट www.indianchess.org पर उपलब्ध है।
कुलदीप ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय शतरंज दिवस 20 जुलाई को मनाया जाता है और उसी भावना को आत्मसात कर हरियाणा सरकार ने यह निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि शतरंज प्राचीन खेल है। यह मनोरंजन प्रदान करने के साथ ही दुनियाभर के लोगों को भाषा और संस्कृति की सीमाओं से परे जोड़ने का कार्य भी करता है।