बिजली बिलों को चेक के द्वारा भरने पर चेक बाउंस होने पर अब बिजली उपभोक्ताओं से जुर्माना वसूला जाएगा। बिजली निगम अधिकारियों के अनुसार बिजली बिलों को चेक द्वारा भरने पर चेक के बाउंस होने पर निगम को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इससे बिजली उपभोक्तओं द्वारा चेक बाउंस होने के आंकड़ों में भी कमी आएगी। इसके अलावा बिजली उपभोक्ता द्वारा चेक में गलती होने पर भी एक हजार रुपये के साथ, 150 रुपये एक्सट्रा चार्ज व सरचार्ज भी लगाया जाएगा। अगर बिजली उपभोक्ता के बैंक खाते में बिजली बिल से कम राशि होगी, तो उस बिजली उपभोक्ता को बिजली बिल राशि का 14 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
शहर में 1 लाख 4 हजार बिजली उपभोक्ता
शहर में 1 लाख 4 हजार बिजली उपभोक्ता हैं, जिनमें से 13 से 15 प्रतिशत बिजली उपभोक्ता चेक द्वारा बिल जमा करते हैं। इनमें से हर बार 3 से 5 प्रतिशत बिजली उपभोक्ताओं के चेक में गलती पाए जाने व खातों में राशि कम होने के कारण चेक बाउंस हो जाते हैं।
ऑनलाइन में बढ़ी रुचि
बिजली बिलों को ऑनलाइन भरने में बिजली उपभोक्ताओं का रुझान बढ़ा है। शहर के एक लाख चार हजार बिजली उपभोक्ताओं में से करीब 9 करोड़ की राशि बिजली बिलों से प्राप्त हुई है, जिनमें से साढे़ चार करोड़ की राशि ऑनलाइन बिजली बिल भरने से प्राप्त हुई है। गौरतलब है कि ऑनलाइन बिजली बिल भरने के लिए डीएचबीवीएन की वेबसाइट पर जाकर उपभोक्ता को अपना रजिस्ट्रेशन करना होता है, जिससे वह अपना बिजली बिल ऑनलाइन जमा कर सकता है।
बिजली बिलों को चेक से भरने के लिए जरूरी है कि बैंक खाते में पर्याप्त राशि हो तथा साथ ही चेक देते समय चेक में नाम व अन्य किसी प्रकार की गलती ना हो। ऐसा होने पर जुर्माना लगाया जाएगा।
- विनीत, एसडीओ, सिविल डिवीजन, डीएचबीवीएन, हिसार