देह व्यापार और मानव तस्करी के आरोप में गिरफ्तार हुए सेंट्रल जेल वन के वार्डर योगेश कुमार पुलिस ने दो दिन के रिमांड के बाद जेल भेज दिया है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने शनिवार को उसे कोर्ट में पेश किया था। उधर इस मामले के बाद जेल वार्डर को जेल प्रशासन ने निलंबित कर दिया है। वार्डर पर उसकी पत्नी ने ही केस दर्ज करवाया था।
सिरसा थाना पुलिस ने 10 फरवरी को पत्नी की शिकायत पर वार्डर के खिलाफ किसी दूसरी महिला को बंधक बनाकर अनैतिक कार्य करने और जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज कराया था। सिरसा थाना पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर मामला सिविल लाइन थाना में ट्रांसफर कर दिया था। सिविल लाइन थाना प्रभारी गौरव शर्मा की टीम ने आरोपी को वीरवार को अदालत में पेश किया और पूछताछ के लिए आरोपी का तीन दिन का पुलिस रिमांड मांगा। अदालत ने पुलिस की दलील सुनने के बाद आरोपी का रिमांड मंजूर कर लिया। जानकारी के अनुसार वार्डर का अपनी पत्नी के साथ मनमुटाव चल रहा है और पत्नी ने उस पर पहले भी दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज कराया था। पुलिस केस दर्ज होने के बाद से लगातार वार्डर की गिरफ्तारी का प्रयास कर रही थी। मगर वह दबिश देने पर नहीं मिलता था। पुलिस आरोपी की तलाश में पहले फतेहाबाद में भी छापेमारी कर चुकी थी।
अफ्रीका में एक कंपनी में जॉब करती थी मंजीत
शिकायतकर्ता मंजीत कौर ने बताया कि उसकी शादी वर्ष 2011 में योगेश के साथ हुई थी। उस समय वह अफ्रीका की एक कंपनी में जॉब करती थी। योगेश जेल वार्डर था। वह अपने परिवार के साथ उस समय फतेहाबाद में रहता था। मंजीत का कहना है कि योगेश ने झूठ बोलकर शादी कर ली। वे वहां किराये के मकान में रहते थे और वह नशे का आदी था। जुआ खेलने व गलत काम करना उसका रोज का काम था। शादी के बाद उसे वे सब बात पता चली। उसने पति को समझाने की कोशिश की, मगर वह नहीं माना। पुलिस ने इस बारे में पति सहित पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था।