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Hisar News: राहत की उम्मीद में आए दर्द लेकर लौटे

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नागरिक अस्पताल में डॉक्टरों की हड़ताल के चलते बैठे मरीज डॉक्टर का इंतजार करते हुए।
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हिसार। करनाल के घरौंडा में चिकित्सक के साथ पुलिस के कथित दुर्व्यवहार के विरोध में शनिवार को जिला नागरिक अस्पताल के चिकित्सक, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन और नर्सिंग स्टाफ हड़ताल पर रहा। इससे दूरदराज से आए मरीजों को उपचार नहीं मिला और निराश होकर लौट गए। कई मरीज ओपीडी के बाहर चस्पा की गई हड़ताल संबंधी सूचना पढ़ने के बाद भी उम्मीद लगाए बैठे रहे कि शायद डॉक्टर आ जाए लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
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घरौंडा में चिकित्सक के साथ दुर्व्यवहार के विरोध में हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज की ओर से 7 मार्च को ओपीडी बंद रखने का एलान किया गया था। इसके मद्देनजर सुबह 8 बजे से जिला नागरिक अस्पताल, उपमंडल नागरिक अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी के स्वास्थ्यकर्मी ओपीडी छोड़कर हड़ताल पर चले गए। हांसी, आदमपुर और नारनौंद के उपमंडल नागरिक अस्पताल में भी हड़ताल रही। आपातकालीन व प्रसूति विभाग की सेवाएं जारी रहीं और जरूरी ऑपरेशन भी गए लेकिन नागरिक अस्पताल हिसार और हांसी में आंखों, हड्डी और जनरल सर्जरी के प्रस्तावित 22 ऑपरेशन टाल दिए। इन मरीजों को सोमवार को आने की तारीख दी गई। कुछ मरीजों ने अपनी सुविधानुसार नई तारीख तय कर ली।

पर्ची काटने के बाद अचानक बंद हुईं सेवाएं
चिकित्सकों की हड़ताल के बारे में जिला नागरिक अस्पताल में पर्ची काटने वाले स्टाफ को भी जानकारी नहीं थी। इस कारण 30-40 मरीजों को पर्ची दी गई लेकिन बाद में पता चला कि चिकित्सक नहीं आएंगे तो पर्ची काटना बंद कर दिया गया। आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक चिकित्सक भी हड़ताल में शामिलल ल रहे।
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पूरे देश ने वायरल वीडियो में देखा कि कैसे एक चिकित्सक के साथ दुर्व्यवहार किया गया। पुलिस की इस बदतमीजी को सहन नहीं किया जा सकता। हमने ओपीडी सेवाएं बंद कर अपना विरोध जताया है। हालांकि, मरीजों को कोई कठिनाई न हो इसके लिए हम आपात, प्रसूति सेवाएं और जरूरी ऑपरेशन जारी रख रहे हैं। - डॉ. मनीष, जिला प्रधान, हरियाणा मेडिकल सिविल सर्विसेज एसोसिएशन।
मरीजों की आपबीती
मुझे आज मेडिकल चेकअप करवाना था लेकिन पता चला कि चिकित्सकों की हड़ताल है। ओपीडी की पर्ची भी नहीं काटी गई। तीन घंटे से चिकित्सकों का इंतजार कर रहा हूं। आज का दिन बेकार चला गया। सोमवार या मंगलवार को फिर से आना पड़ेगा। कृष्ण कुमार, रोडवेज चालक।
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रात से पेट में दर्द हो रहा था। डॉक्टर को दिखाने सुबह 10 बजे अस्पताल पहुंची लेकिन यहां आकर पता चला कि डॉक्टर नहीं आएंगे। दो घंटे से बैठी हूं। कोई भी स्वास्थ्यकर्मी आ जाए। लगता बिना दवाई के ही वापस जाना पड़ेगा। - बिसकौर, निवासी मय्यड़
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बुखार और सिर में दर्द था इसलिए अस्पताल आया हूं। पर्ची के लिए लाइन में लगते ही पता चला कि डॉक्टर नहीं आएंगे। इसके बाद पर्ची भी नहीं काटी गई। ओपीडी कक्ष के सामने बैठकर इंतजार कर रहा हूं। कोई नहीं आया तो निजी अस्पताल में दवाई लेनी पड़ेगी। - सतबीर, निवासी मय्यड़
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सुबह 8 बजे घर से निकली थी। यहां आकर पता चला कि ओपीडी नहीं खुलेगी। आज का दिन बेकार चला गया। पहले ही हड़ताल के बारे में बता दिया होता तो मेरा समय खराब नहीं होता। अब सोमवार को फिर आना पड़ेगा। - सुनीता, गांव गुराना।
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