हिसार। फायर ब्रिगेड कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल का असर वीरवार को हरियाणा रोडवेज की बस सेवाओं पर भी दिखाई दिया। अग्निशमन सेवाएं बाधित न हों इसके लिए हिसार रोडवेज डिपो समेत विभिन्न इकाइयों के 41 चालकों की ड्यूटी फायर ब्रिगेड वाहनों पर लगा दी गई। चालकों की कमी के कारण कई ग्रामीण रूटों पर बसों का संचालन प्रभावित रहा।
हिसार बस स्टैंड पर सैकड़ों यात्री घंटों बसों का इंतजार करते रहे। बाद में उन्हें पता चला कि उनके रूट की बस संचालित ही नहीं होगी। प्रभावित रूटों की पूर्व सूचना नहीं मिलने से यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
प्रदेशभर में फायर ब्रिगेड कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के बाद हिसार डिपो, हांसी सब डिपो, आदमपुर, बरवाला और उकलाना से कुल 41 चालकों को फायर ब्रिगेड वाहनों के संचालन के लिए भेजा गया। इसके चलते कई बसें नहीं चल सकीं। नौकरीपेशा लोग, विद्यार्थी और अन्य यात्रियों को मजबूरी में निजी वाहनों और प्राइवेट बसों का सहारा लेना पड़ा, जिससे उन्हें अतिरिक्त किराया भी देना पड़ा।
यात्रियों का आरोप रहा कि रोडवेज प्रशासन ने प्रभावित रूटों की जानकारी न तो सूचना बोर्ड पर प्रदर्शित की और न ही लाउडस्पीकर से कोई घोषणा की। इससे लोग लंबे समय तक बसों के इंतजार में खड़े रहे।
जानिये...कहां-कहां से भेजे चालक
हिसार डिपो : 15
हांसी सब डिपो : 14
आदमपुर बस स्टैंड : 4
उकलाना बस स्टैंड : 4
बरवाला बस स्टैंड : 4
कुल चालक : 41
इन रूटों पर बसों का संचालन रहा प्रभावित
काजला, दुर्जनपुर, मुकलान, लाडवा, मंगाली, तोशाम, भोजराज, नलवा सहित कई रूटों पर बसें नहीं चल सकीं। इसके कारण बुजुर्गों, महिलाओं, विद्यार्थियों सहित सैकड़ों यात्रियों को बस स्टैंड पर घंटों इंतजार करना पड़ा।
सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक बस का इंतजार करता रहा। पूछताछ केंद्र से भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला। बाद में रोडवेज एसएस रूम में पता चला कि फायर ब्रिगेड की हड़ताल के कारण चालक वहां भेज दिए गए हैं इसलिए गांव की बस नहीं चलेगी।
- चंद्रभान, पूर्व सरपंच, गांव काजला, बस यात्री।
पूछताछ केंद्र और अधिकारियों से भी सही जानकारी नहीं मिली। बसें नहीं चलने की न तो घोषणा की गई और न ही कोई सूचना चस्पा की गई। रेलवे की तरह बसों के संचालन और रद्द होने की जानकारी भी यात्रियों को मिलनी चाहिए।
- लखबीर सिंह, गांव काजला, बस यात्री।
फायर ब्रिगेड कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान अग्निशमन सेवाएं प्रभावित न हों, इसलिए रोडवेज के 41 चालकों की ड्यूटी फायर ब्रिगेड वाहनों पर लगाई गई। इससे नियमित बस संचालन के लिए चालकों की कमी हो गई और कई रूट प्रभावित हुए।
- वीरेंद्र सिंह, डीआई, रोडवेज डिपो, हिसार।