एक समय था जब बेटियों को कहा जाता था कि वो बेटे से सीखें। लेकिन समय बदल गया है। बेटियां बेटों को संदेेश देती नजर आ रही हैं। इसी का एक उदाहरण है सूर्यनगर का एक किसान परिवार। किसान ओमप्रकाश की बेटी सोनू और पूनम के बाद छोटा बेटा दीपक भी बॉक्सिंग का राष्ट्रीय खिलाड़ी बन गया है। हाल ही में गुड़गांव में हुई सब जूनियर नेशनल प्रतियोगिता में छोटे भाई बहन दीपक और पूनम ने गोल्डन पंच मारा है। बड़ी बहन सोनू सीनियर वर्ग की राष्ट्रीय खिलाड़ी है।
दोनों बहने रहती हैं साई हॉस्टल में
मूलरूप से गांव बुड़ाक के रहने वाले तीनों खिलाड़ियों के पिता ओमप्रकाश ने बताया कि बड़ी बेटी सोनू और पूनम साई हॉस्टल में रहते हैं। सोनू ने सबसे पहले बॉक्सिंग खेलने की शुरुआत की थी। जैैसे जैसे उसने मेडल जीते और उसका चयन राष्ट्रीय स्तर के लिए हुआ। पूनम ने उत्साहित होकर बॉक्सिंग खेलने का निर्णय लिया। पिछले तीन वर्षों से साई में ट्रेनिंग लेते हुए पूनम ने भी कई प्रतियोगिताओं में गोल्ड जीते। दोनों बहनों के हॉस्टल में सिलेक्शन के बाद बहनों ने छोटे भाई दीपक को भी बॉक्सिंग खेलने के लिए प्रेरित किया। उनकी इस प्रेरणा के बाद करीब एक साल पहले उसने भी बॉक्सिंग खेलना शुरू कर दिया। इस प्रकार तीनों बहन भाई बॉक्सिंग खेलने लगे।
पढ़ाई में भी होनहार
दीपक आठवीं कक्षा और पूनम बारहवीं कक्षा में है। दोनों अलग अलग निजी स्कूलों में पढ़ते हैं और पढ़ाई में भी अव्वल हैं, जबकि सबसे बड़ी बेटी गवर्नमेंट कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष की छात्रा है। पिता एक किसान है और ट्रैक्टर चलाने का काम करते हैं, जबकि उनकी मां कौशल्या देेेवी गृहिणी हैं।
ये रहीं उपलब्धियां
-12 वर्षीय दीपक और 14 वर्षीय पूनम ने हाल ही में गुड़गांव में हुए नेशनल रूरल गेम में गोल्ड जीता है। इस प्रतियोगिता में दीपक ने 40 किलोग्राम और पूनम ने 42 किलोग्राम भारवर्ग में खेले थे।
- दीपक ने नेशनल रूरल गेम में गोल्ड जीतने के अलावा जुलाई में हुई जिलास्तरीय प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीता था।
- पूनम ने इससे पहले भिवानी में हुई सब जूनियर स्टेट में गोल्ड, यमुनानगर में 2015 में हुई सब जूनियर स्टेट में भी गोल्ड, 2014 में सब जूनियर स्टेट चैंपियनशिप में गोल्ड और 2015 में रोहतक में हुई ऑल इंडिया इंटर साई की प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीता था।
- सोनू भी कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में मेडल जीत चुकी है। 2015 में हुई ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी गेम मे भी सोनू ने सिल्वर मेडल जीता था। बॉक्सिंग के सीनियर कैंप में भी सोनू का चयन हो चुका है।