हिसार। रिश्वत मामले में फरार चल रहे आरोपी ड्रग कंट्रोल ऑफिसर सुरेश चौधरी की गिरफ्तारी के वारंट जारी हुए 10 दिन हो चुके हैं। उसके बाद भी विजिलेंस टीम के हाथ खाली हैं। हालांकि वीरवार को विजिलेंस ने सुरेश चौधरी की अग्रोहा स्थित गैस एजेंसी में दबिश दी।
उल्लेखनीय है कि 23 अगस्त को विजिलेंस ने अदालत से सुरेश चौधरी की गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी किया था। जानकारी के अनुसार सुरेश चौधरी अपने गाड़ी चालक व चपरासी की जमानत के लिए हाईकोर्ट में याचिका लगाने के प्रयास में है। वहीं दूसरी तरफ 19 अगस्त को निलंबित किए जाने के बाद भी अभी तक सुरेश चौधरी ने मुख्यालय में रिपोर्ट नहीं की है। ऐसे में उसे बर्खास्त किया जा सकता है। बताया गया है कि फतेहाबाद में एक अन्य मामले में सस्पेंड होने के तीन महीने तक सुरेश चौधरी ने मुख्यालय में रिपोर्ट नहीं की थी।
भगौड़ा घोषित किया जा सकता है
विजिलेंस ने सुरेश चौधरी के परिवार व और जानकारों को उसे जल्द पेश करने के लिए चेतावनी भी दी हुई है। अगर सुरेश चौधरी की गिरफ्तारी जल्द नहीं होती है तो उसे भगौड़ा घोषित कर दिया जाएगा। मामले में सिरसा विजिलेंस में इंस्पेक्टर अनिल सोढ़ी ने बताया कि साइबर सेल की मदद से सुरेश चौधरी के मोबाइल नंबरों को ट्रेस करने का प्रयास जारी है। उसके सभी नंबर बंद हैं। उन्होंने कहा कि वह नए नंबरों से व्हाट्स एप और इंटरनेट कॉलिंग के जरिये अपने परिवार व जानकारों के संपर्क में हो सकता है। इसलिए साइबर सेल की मदद से सुरेश चौधरी के परिवार व रिश्तेदारों के नंबरों को ट्रेस किया जाना है।