हिसार। शहर के डबल रेलवे फाटक (तेल डिपो रेलवे फाटक) पर प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) भी धनुष आकार गर्डर तकनीक (बो स्टि्रंग गर्डर टेक्नीक) से बनाया जाएगा। रेलवे ने बीएंडआर को जीएडी (जनरल अरेंजमेंट ड्राइंग) में बदलाव करने के निर्देश दिए हैं।
बीएंडआर ने पिलर आधारित डिजाइन तैयार कर रेलवे को मंजूरी के लिए भेजा था। मगर अब रेलवे ने जीएडी को वापस बीएंडआर को लौटा दिया है और धनुष आकार के मुताबिक ड्राइंग तैयार कर भेजने को कहा है।
बता दें कि डबल रेलवे फाटक पर काफी समय से आरओबी बनाने की मांग की जा रही है। हालांकि यहां आरओबी बनाया जाए या आरयूबी बनाया जाए, इसे लेकर काफी संशय बना रहा है। कभी अधिकारी इस पर आरओबी बनाने की बात कहते रहे, तो कभी आरयूबी की। आखिरकार इस फाटक पर आरओबी ही फाइनल किया गया।
अधिकारियों की मानें तो उनकी तरफ से तैयार की गई जीएडी में रेलवे ट्रैक वाले हिस्से में पिलर ही प्रस्तावित किए गए थे। मगर रेलवे के अधिकारियों ने इस पर आपत्ति जता दी और कहा कि रेलवे ट्रैक वाले हिस्से में पिलर कि बजाय धनुष आकार का डिजाइन बनाया जाए। अधिकारियों की मानें तो यह हिस्सा करीब 115 मीटर लंबा है। जीएडी दोबारा से करवानी पड़ेगी मंजूर आरओबी की ड्राइंग को बीएंडआर मुख्यालय से मंजूरी मिलने के बाद रेलवे को भेजा गया है। चूंकि अब जीएडी में बड़ा बदलाव किया जाएगा, तो इसे फिर से मुख्यालय से मंजूर करवाना पड़ेगा। इसके बाद ही इसे रेलवे को फिर से भेजा जाएगा। इसमें थोड़ा समय लगने की संभावना है। रेलवे से जीएडी मंजूर होने के बाद भी इसका एस्टीमेट तैयार किया जाएगा।
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