वोट डालने की बात पर रामगढ़ बस्ती में दो पक्षों के बीच हुए विवाद में मारे गए विनोद का शव परिजनों ने बुधवार सुबह भी लेने से इंकार कर दिया।
विरोधस्वरूप बस्ती के लोगों ने दो घंटे सामान्य अस्पताल के पास मोड़ पर जाम लगा दिया। सब स्टैंड के पास मोड़ पर लगे जाम के कारण पूरा शहर दो घंटे तक जाम रहा।
जाम के चलते दोपहर एक बजे से लेकर तीन बजे तक दिल्ली, सिरसा, बरवाला जाने वाली बसें जाम में फंसी रहीं। मौके पर एसडीएम अशोक बंसल पहुंचे।
उन्होंने परिजनों और उनके साथ पहुंचे बस्ती के लोगों को समझाया और उनकी मांगें जिला प्रशासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
इसके बाद रामगढ़ बस्ती के लोगों ने जाम खोला और सामान्य अस्पताल से शव उठा लिया। परिजनों ने कहा कि विनोद के सभी हत्यारों को गिरफ्तार किया जाए।
इसके अलावा उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी दी जाए और 20 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए।
परिजन और बस्ती के लोगों ने कहा कि वे तब तक शव नहीं उठाएंगे और न ही जाम खोलेंगे, जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती।
जाम लगाए जाने की सूचना पर आरंभ में नायब तहसीलदार जोगिंद्र सिंह, डीएसपी राजबीर सिंह दहिया, सिटी थाना एसएचओ मंदीप सांगवान, सदर थाना इंस्पेक्टर ललित पहुंचे।उन्होंने परिजनों को समझाने की कोशिश की, लेकिन परिजन अपनी मांग पर अड़े रहे।
यूं बिगड़ी बात
रामगढ़ बस्ती में रहने वाले विनोद की मंगलवार सुबह उपचार के दौरान मौत हो गई थी। परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद शव लेने से इंकार कर दिया।
परिजन सामान्य अस्पताल में ही शांतिपूर्वक धरना देकर बैठ गए। बुधवार दोपहर करीब लोगों को समझाने के लिए नायब तहसीलदार जोगिंद्र मौके पर पहुंचे।
बस्ती के लोगों ने अपनी मांग उनके सामने रखी। इस पर नायब तहसीलदार ने कहा कि वे इस बारे में डीसी साहब से पूछेंगे बाद में ही उनकी मांगों पर आश्वासन दे सकेंगे।
मौके पर ही नायब तहसीलदार डीसी एमएल कौशिक के पास फोन करते रहे, लेकिन डीसी ने फोन नहीं उठाया। काफी देर इंतजार के बाद लोग भड़क गए और सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर सामान्य अस्पताल के मोड़ पर जाम लगा दिया।
ये रहे मौजूद
रामगढ़ बस्ती के लोगों के मामले की सूचना पर हजकां नेता गौतम सरदाना, घोलू गुर्जर सहित कई दलों के कार्यकर्ता पहुंचे।
इसके मौके पर प्रदीप अंबेडकर, बजरंग इंदल, जोगीराम खुंडिया, रत्न बड़गुर्जर, अशोक, रणधीर व राजेश सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष मौजूद थे।
यह था मामला
रामगढ़ बस्ती में 15 अक्तूबर को मतदान वाले दिन विनोद पर तलवारों से हमला कर दिया। विनोद के परिजनों ने आरोप लगाया था हमलावरों ने उनके पक्ष के नेता को वोट न डालने की बात पर पहले उससे विवाद किया, जब उसने विरोध किया तो उसके पेट में तलवार घोंप दी।
पुलिस ने परिजनों के बयान पर रामअवतार गुर्जर व उनके साथी प्रवीन, संजय उर्फ पोपली, मोनू, सोनू, बलिया, रानिया और एक महिला सहित नौ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था।
गौतम सरदाना और प्रदीप अंबेडकर समेत 45 पर केस
सिटी पुलिस ने सामान्य अस्पताल मोड़ पर जाम लगाने के मामले में हजकां नेता गौतम सरदाना, संजय चौहान, बजरंग इंदल, रत्नबड़गुज्जर सहित और 30-35 अज्ञात लोगों के खिलाफ रास्ता रोकने का मामला दर्ज कर लिया है। मुकदमा दर्ज करने की पुष्टि पुलिस प्रवक्ता चंद्रभान ने की है।