फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hisar News: लंपी आशंकित 14 गोवंश के रक्त नमूने लिए, आइसोलेशन सेंटर में जांची व्यवस्था

विज्ञापन
विज्ञापन
हिसार। कैमरी रोड स्थित गो आइसोलेशन सेंटर में लंपी के आशंकित 14 गोवंश के रक्त के नमूने लिए गए हैं। पशुपालन एवं डेयरी विभाग की छह सदस्यीय विशेष टीम ने शनिवार को सेंटर का निरीक्षण कर गोवंश के स्वास्थ्य, उपचार और देखभाल की व्यवस्थाएं जांचीं। नमूने जांच के लिए भेजे जाएंगे।
विज्ञापन

अमर उजाला में मामला प्रमुखता से उठाए जाने के बाद विभाग ने लंपी स्किन डिजीज (एलएसडी) के संदिग्ध मामलों को लेकर एहतियाती कदम तेज किए हैं। कैमरी रोड पर राधा स्वामी आश्रम के पास गो रक्षा संगठन की ओर से बनाए गए अस्थायी आइसोलेशन सेंटर में अब तक 23 बीमार गोवंश पहुंचने का संगठन ने दावा किया है।
संगठन के अनुसार इनमें सात गोवंश की मौत हो चुकी है। हालांकि पशुपालन विभाग ने जिले में लंपी स्किन डिजीज के मामलों और इससे हुई मौतों की पुष्टि से इनकार किया है।
विज्ञापन

गो रक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजपाल ने बताया कि सेंटर में अब तक 11 बछड़ियां, चार गाय और आठ नंदी लाए गए हैं। इनमें तीन बछड़ियां, दो गाय और दो नंदी की मौत हुई है। उन्होंने बताया कि 18 सितंबर को कैमरी रोड पर एक बीमार बछड़ी मिली थी, लेकिन कोई गोशाला की एंबुलेंस उसे ले जाने के लिए तैयार नहीं हुई।
निरीक्षण के दौरान पशु चिकित्सकों ने सेंटर में रखे गोवंश की स्थिति देखी और उपचार व देखभाल की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। विभाग ने संदिग्ध पशुओं को स्वस्थ गोवंश से अलग रखने, नियमित निगरानी और संक्रमण की रोकथाम के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने के निर्देश दिए। पशुपालकों से बुखार, त्वचा पर गांठें या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सक को सूचना देने की अपील की गई है।
जांच के लिए छह सदस्यीय टीम गठित
लंपी स्किन डिजीज के संदिग्ध मामलों की जांच के लिए पशुपालन विभाग ने छह सदस्यीय विशेष टीम गठित की है। इसमें जीवीएच रावतखेड़ा के डॉ. नवीन, जीवीएच बढ़िया रांगड़ान के डॉ. संजय, जीवीएच मंगाली की डॉ. मीतू, बीएलईओ बलवंत, जीवीएच कैमरी के वीएलडीए गुरमेल और जीवीएच मंगाली के वीएलडीए अनूप को शामिल किया गया है। टीम ने शनिवार को आइसोलेशन सेंटर पहुंचकर गोवंश के रक्त के नमूने लिए।

विभाग की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी की स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल संदिग्ध पशुओं की निगरानी और उन्हें अलग रखने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पशुपालकों के लिए 1962 मोबाइल वैन शुरू की है।
विज्ञापन

- संगीता दलाल, निदेशक, पशुपालन विभाग, हिसार।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें