विजिलेंस की टीम ने ब्लॉक फॉरेस्ट ऑफिसर को चार हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया अभियुक्त ऑफिसर मामनराम है।
पुलिस ने बताया है कि वह ढाणी चौधरीवास के किसान सुभाष चंद्र भादू से लकड़ियों से भरी पिकअप गाड़ी को छोड़ने की एवज में 10 हजार रुपये की मांग कर रहा था।
मामले की शिकायत किसान ने तुरंत विजिलेंस को दी, जिसे संज्ञान में लेते हुए टीम ने उक्त कार्रवाई को अंजाम दिया।
विजिलेंस इंस्पेक्टर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि सुभाष चंद्र भादू शनिवार सुबह अपने खेत से पिकअप गाड़ी में लकड़ियां भरकर हिसार आरा मशीन पर चिरवाने के लिए आ रहा था।
उसने बताया कि उसके घर 7 दिसंबर को जागरण है। आवश्यक कार्यों के लिए उसे ईंधन की जरूरत थी। जब वह खेत से लकड़ियां भरकर निकलने लगा तो ब्लॉक फॉरेस्ट ऑफिसर मामनराम ने उसकी गाड़ी रुकवा ली
उससे सरकारी लकड़ियां काटकर ले जाने की बात कहते हुए केस दर्ज करने की धमकी दी। जब उसने अपना पक्ष रखने की कोशिश की तो अधिकारी ने रिश्तर की मांग कर डाली।
‘आढ़ती से लेकर दे दूंगा रुपये’
इंस्पेक्टर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि सुभाषचंद्र भादू ने वहां चालाकी से काम लिया। उसने कहा कि फिलहाल उसके पास रुपये नहीं है और वह आढ़ती से रुपये लाकर दे देगा।
दोनों में चार हजार रुपये में सौदा हुआ। वहां से निकलते ही सुभाष ने विजिलेंस के पास फोन कर दिया। मौके पर ही उच्च अधिकारियों के दिशानिर्देश पर डीएफएसओ को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया।
विजिलेंस की टीम में इंस्पेक्टर भूपेंद्र सिंह, एसआई सदानंद, गोपालाराम, एएसआई जिले सिंह व बलराम, हैड कांस्टेबल रामफल व सुरेश सहित टीम मौके पर पहुंची।
पहले से तय प्लान के अनुसार किसान ने गांव पहुंचकर मामनराम को पाउडर लगे चार हजार रुपये थमा दिए। दूर खड़ी टीम ने मौका देखकर उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।