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हिसार जिंदल रोलिंग मिल में बॉयलर में ब्लास्ट: एक की मौत और चार झुलसे, औद्योगिक सुरक्षा विभाग ने जांच शुरू की

Tue, 21 Apr 2026 01:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो माई सिटी रिपोर्टर, हिसार (हरियाणा)

सार

घायल हरिराम ने बताया कि मैं बॉयलर में स्क्रैप डाल रहा था। अचानक एक धमाका हुआ और आंखों के आगे अंधेरा छा गया। कुछ भी दिखाई देना बंद हो गया। इसके बाद महसूस हुआ कि शरीर पर कुछ उबलता हुआ पदार्थ आ गिरा।
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अस्पताल में उपचाराधीन तारा बहादुर।  - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हिसार के औद्योगिक एरिया में स्थित जिंदल रोलिंग मिल में तेज धमाके के साथ बाॅयलर फटने से पांच मजदूर झुलस गए, जिसमें सात रोड निवासी विशाल (26 ) की रविवार को उपचार के दौरान मौत हो गई। चार श्रमिकों का जिंदल अस्पताल में उपचार चल रहा है। औद्योगिक सुरक्षा विभाग ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। वहीं, पुलिस प्रवक्ता मदनलाल ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।

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हादसे में झुलसे हुए लोगों ने घटना के संबंध में बताया कि जिंदल रोलिंग मिल में 11 अप्रैल को शाम 4 बजे 5 श्रमिक बॉयलर में स्क्रैप डाल रहे थे। इस दौरान स्क्रैप में एलपीजी सिलिंडर भी था। इसी दौरान किसी एक श्रमिक ने बॉयलर में वह सिलिंडर भी डाल दिया। बॉयलर में सिलिंडर के डालते ही जोरदार धमाका हुआ और पिघला हुआ स्क्रैप पांचों श्रमिकों पर गिर गया, जिससे वे झुलस गए।

झुलसने वालों में सातरोड निवासी विशाल, नेपाल के तारा बहादुर (हाल निवासी जिंदल रोलिंग मिल), उत्तर प्रदेश के गोरखपुर हाल जिंदल रोलिंग मिल निवासी शिवशंकर, राजस्थान के चूरू हाल सातरोड निवासी हरिराम और उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर हाल जिंदल रोलिंग मिल निवासी सूरजबली शामिल हैं। मिल प्रशासन ने तुरंत झुलसे हुए लोगों को जिंदल अस्पताल में दाखिल करवाया, जहां रविवार सुबह विशाल की उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों के अनुसार विशाल करीब 80 प्रतिशत तक झुलस गया था। तारा बहादुर व शिवशंकर भी 50 प्रतिशत से ज्यादा झुलसे हुए हैं। चिकित्सकों के मुताबिक घायलों की स्थिति खतरे से बाहर है।
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पुलिस ने शव का करवाया पोस्टमार्टम
सोमवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। मौके पर मौजूद सातरोड निवासी राजकुमार ने बताया कि मैं ऑटो चलाता हूं। मेरे बेटे विशाल ने जनवरी में ही मिल में काम करना शुरू किया था। वह शादीशुदा था। उसकी 4 साल की लड़की है। पिता ने बताया कि दुर्घटना के समय विशाल की उस भट्ठी पर ड्यूटी नहीं थी, बल्कि उसे उसी दिन जबरन वहां काम पर लगाया गया था। यह हादसा कंपनी प्रबंधन और प्रशासन की घोर लापरवाही का परिणाम है।

आंखों के आगे अंधेरा छाया
घायल हरिराम ने बताया कि मैं बॉयलर में स्क्रैप डाल रहा था। अचानक एक धमाका हुआ और आंखों के आगे अंधेरा छा गया। कुछ भी दिखाई देना बंद हो गया। इसके बाद महसूस हुआ कि शरीर पर कुछ उबलता हुआ पदार्थ आ गिरा। तारा बहादुर ने बताया कि बॉयलर में किसी ने स्क्रैप में आया हुआ सिलिंडर डाल दिया था जिससे बाॅयलर में धमाका हुआ और यह हादसा हुआ। तारा बहादुर के परिजनों ने बताया कि हमारे पास शाम 6 बजे पड़ोस में रहने वाले मिलकर्मी ने फोन कर हादसे के बारे में बताया।

अधिकारी के अनुसार
मामले में संज्ञान लिया गया है। मौके पर जाकर जांच की गई है। रिपोर्ट तैयार की जा रही है। श्रमिक की मौत की मुझे जानकारी नहीं है। अभी इसमें पोस्टमार्टम रिपोर्ट को शामिल किया जाएगा। दो-तीन दिन में फाइनल रिपोर्ट तैयार कर दी जाएगी। जांच पूरी होने तक मिल में फिलहाल काम भी बंद करवा रखा है। -रविंद्र मलिक, उपनिदेशक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग।

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