नगर निगम की आय बढ़ाने के लिए मंगलवार को विभिन्न टैक्स एवं फीस कमेटी और तहबाजारी सब कमेटी की बैठक हुई।
बैठक में निगम की आय बढ़ाने के लिए कई मुद्दों पर चर्चा हुई। कई मुद्दों को चेयरमैन और कमेटी के सदस्यों ने एक मत से पास किया।
सब कमेटी के चेयरमैन और सदस्यों ने निगम की आय बढ़ाने के लिए पूरी तैयारी कर रखी है, बशर्ते जो प्लान तैयार किए गए हैं, अगर उनके मुताबिक निगम अधिकारी अगर एक्शन ले लेते हैं तो निगम की आय में वृद्धि हो सकती है।
सब कमेटी की बैठक में निगम के सचिव राजेश मेहता, वार्ड एक से 10 तक की कमेटी की चेयरमैन शालू दीवान और वार्ड 11 से 20 तक की कमेटी के चेयरमैन सीनियर डिप्टी मेयर डीएन सैनी, कमला बंसल, मास्टर प्रह्लाद, नरेंद्र शर्मा, अजीत कुमार, प्रीतम सैनी और निगम के महेंद्र सैनी, कृष्ण सैनी, लक्ष्मण सैनी मौजूद थे।
अब मिलेगा तुरंत बर्थ सर्टिफिकेट
सब कमेटी के चेयरमैन सीनियर डिप्टी मेयर डीएन सैनी ने निगम की आय बढ़ाने के लिए एक प्रस्ताव रखा कि क्यूं न निगम की ओर से अर्जेंट जन्म प्रमाण पत्र दिए जाए, जिसके लिए लोगों से कुछ अधिक फीस वसूली जाए।
अभी लोग प्रमाण पत्र बनाने के लिए दिन भर काउंटर पर खड़े रहते हैं। फिर भी कई-कई दिन तक लोगों को जन्म प्रमाण पत्र बनकर नहीं मिल पाता है।
अगर अर्जेंट जन्म प्रमाण पत्र की सुविधा निगम में शुरू कर दी जाए तो निगम की आय में बढ़ोतरी हो सकती है।इस प्रस्ताव को कमेटी के सभी सदस्यों ने एक मत से पारित किया।
शहर के सभी पीजी पर लगेगा कामर्शियल टैक्स
शहर में करीब 250 पेइंग गेस्ट हैं, जिनसे निगम को कोई भी आय नहीं होती है। इन सभी पीजी ने रेजीडेंशियल परमिट ले रखे हैं, लेकिन अपना व्यवसाय कर रहे हैं।
निगम को चूना लगा रहे हैं। सब कमेटी की बैठक में प्रस्ताव रखा गया है कि शहर के सभी पीजी पर निगम की ओर से कामर्शियल टैक्स लगाया जाए। अगर पीजी पर टैक्स लगता है तो निगम की आय का स्रोत बढ़ेगा।
इसके अलावा शहर में स्थित शादी समारोह स्थलों से अभी निगम को कोई भी आय नहीं मिल पा रही है। निगम की ओर से शादी समारोह की वीडियोग्राफी कराकर इनसे राशि वसूली जाए।
केबल नेटवर्क वालों से वसूला जाए जुर्माना
सब कमेटी की चेयरमैन पार्षद शालू दीवान ने बैठक में सिटी केबल नेटवर्क से जुर्माना वसूलने की बात कही। उन्होंने कहा कि शहर में सिटी केबल नेटवर्क की तारें निगम प्रशासन की अनुमति से बिछाई जाती हैं।
केबल वालों को ये तारें बिछाने के लिए निगम को तय फीस जमा करवानी होती है। अभी शहर में कितनी केबल कहां-कहां बिछी हुई हैं।
उन्होंने कहा कि केबल वालों द्वारा दी जा रही राशि और वर्तमान में बिछी तारों के जाल का पूरा ब्यौरा बनाया जाए। वर्तमान स्थिति के अनुसार इस राशि को कलैक्ट किया जाए। उन्होंने निगम प्रशासन से इस बारे में सारे आंकड़े जुटाने की बात कही।
बरामदे में रखे सामान पर तीन हजार तक जुर्माना
बैठक में बाजारों और गलियों से अतिक्रमण हटाने पर भी जोर दिया गया। शहर के बाजारों में दुकानों के बरामदे में अतिक्रमण को समाप्त करने के लिए अब निगम के कर्मी केवल वीडियोग्राफी करके आ जाएंगे।
बाद में बरामदों पर अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों को जिला प्रशासन की कोर्ट के जरिए जुर्माना भेजा जाएगा। यह जुर्माने की राशि कम से कम तीन हजार रुपये होगी।
स्टॉल की संख्या बढ़ाने पर चर्चा
पार्षद शालू दीवान ने बैठक के दौरान यह प्रस्ताव भी रखा कि त्योहारों के वक्त निगम प्रशासन की ओर से पूर्व में स्टॉल की जो संख्या तय है, उसे बढ़ाया जाए। उन्होंने बताया कि स्टॉल की संख्या बढ़ने से स्टॉल संचालक की तरफ से मिलने वाली तय राशि में बढ़ोतरी होगी।
कचरा बाहर फेंकने पर लगे जर्माना
बैठक में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव यह भी रखा गया है कि शहर के होटल, रेस्टोरेंट एवं शराब के अहातों के बाहर फैली गंदगी को उठाने के होटल एवं अहाता संचालक की ओर से अभी तक निगम को कोई चार्ज नहीं दिए जा रहे हैं। इनसे गंदगी फैलाने के लिए मंथली या सालाना फिक्स चार्ज लेने का प्रस्ताव बैठक में रखा गया।
तुरंत लागू नहीं होंगे प्रस्ताव
नगर निगम की सब कमेटी की ओर से लिए गए प्रस्ताव तुरंत लागू नहीं होेंगे। नियमों के अनुसार यह प्रस्ताव अब मंजूरी के लिए सदन में रखे जाएंगे। सदन की मंजूरी मिलने के बाद ही इन्हें लागू किया जा सकेगा।