15 साल से बड़े बच्चों का नाम दर्ज करवाने की छूट एक बार फिर से मिल सकती है। सरकार ने इसके लिए हालांकि तीन महीने पहले ही पत्र जारी कर आदेेश कर दिए थे, मगर स्वास्थ्य विभाग ने नगर निगम को ऐसे कोई निर्देश जारी नहीं किए। अब नगर निगम ने मार्च महीने में स्वास्थ्य विभाग पंचकूला द्वारा जारी किए गए पत्र का हवाला देते हुए सीएमओ को पत्र लिखकर इस संबंध में आगामी कार्रवाई करने की बात कही है। अब फैसला सीएमओ के पाले में है।
आम लोगों को मिलेगी बड़ी राहत
ऐसे सैकड़ों बच्चे हैं जिनका जन्म पंजीकरण रिकॉर्ड में नाम दर्ज नहीं है। जिला स्वास्थ्य विभाग अगर इसकी अनुमति देता है तो सैकड़ों बच्चों को राहत मिल जाएगी जिनका रिकॉर्ड में नाम दर्ज नहीं है।
पहले दी थी दिसंबर 2015 तक छूट
सरकार ने अधिसूचना जारी कर पिछले साल भी 15 साल से बड़े बच्चों का रिकॉर्ड में नाम दर्ज करवाने की छूट दी थी। इसकी अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2015 थी। इसके बाद सरकार ने बड़े बच्चों का नाम दर्ज करने पर बैन कर दिया था। इसके बाद मार्च 2016 में दोबारा सरकार ने अधिसूचना जारी की है। मगर यह अधिसूचना नगर निगम कार्यालयों में नहीं पहुंची।
युवक लेकर पहुंचा लेटर, तब चला पता
नगर निगम में एक युवक जिसका यही केस था नगर निगम कार्यालय में 15 साल पुराने रिकॉर्ड में नाम दर्ज करवाने के लिए पहुंचा। नगर निगम अधिकारियों ने उसे नाम दर्ज करने से मना कर दिया कि छूट पहले थी, वह समाप्त हो चुकी है। फिर युवक ने टोहाना परिषद में आए पत्र की फोटो कॉपी निगम अधिकारियों को दिखाई, जिसमें सरकार द्वारा भेजी गई अधिसूचना थी। इसके बाद निगम अधिकारियों ने सीएमओ को पत्र लिखा।
सीएमओ को पत्र लिखा है। किस तरह के दस्तावेज ऐसे लोगों से लिए जाएं इसको लेकर मार्गदर्शन किया जाए। अगर प्रदेश के दूसरे जिलों में ऐसी छूट है तो यहां भी उसके अनुरूप लोगों को सुविधा दी जाए।
- वीरेंद्र सिंह, सचिव नगर निगम