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चालान के डर से भागा बाइक सवार युवक, पीछा करने पर पुलिस गाड़ी के नीचे आने से मौत

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लघु सचिवालय के सामने शव रख कर प्रदर्शन करते परिजन। - फोटो : Hisar
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चालान के डर से भाग रहा बाइक सवार युवक पुलिस की जीप के नीचे आ गया, जिससे गगनखेड़ी निवासी 24 वर्षीय रविंद्र की मौत हो गई। इस पर पुलिस ने पहले आईपीसी की धारा 304ए के तहत कार्रवाई की।
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पुलिस का कहना था कि युवक की मौत खंभे से टकराने से हुई है। मगर बाद में हादसे की सीसीटीवी फुटेज सामने आई। परिजनों का आरोप है कि पुलिस की जीप के नीचे आने से बाइक सवार की मौत होने का आरोप लगाया। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया व परिजनों ने लघु सचिवालय के सामने शव रखकर धरना दिया और नारेबाजी की। इसकेेे बाद पुुलिस ने हत्या व एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने का आश्वासन दिया, जिस पर परिजन माने।
मामला शनिवार शाम करीब छह बजे का है। मृतक युवक के पिता गगन खेड़ी गांव निवासी रामेहर ने बताया कि वह अनुसूचित जाति से संबंध रखता है। उसका 24 वर्षीय बेटा रविंद्र 12वीं कक्षा पास करने के बाद लाइनमैन का कोर्स कर रहा था। कोरोना की वजह से शिक्षण संस्थान बंद होने के चलते वह फिलहाल उमरा गेट हांसी में श्रीराम परचून की दुकान पर काम करता था। शनिवार सुबह वह घर से बाइक पर दुकान के लिए आया था। शाम को वह करीब छह बजे जींद चुंगी के पास पहुंचा तो वहां पर पुलिस पीसीआर खड़ी थी। इस दौरान पुलिस ने जिप्सी उसके बेटे पर चढ़ा दी, जिससे उसकी मौत हो गई। हादसा सीसीटीवी फुटेज में भी साफ दिखाई दे रहा है। इससे पूर्व उसने पुलिस के बताए अनुसार बयान दिया था कि उसका बेटा चालान के डर से बाइक लेकर भागा था और खंभे से टकराकर उसकी मौत हो गई। पुलिस उसे हांसी के नागरिक अस्पताल लेकर पहुंची तो चिकित्सकों ने उसे हिसार रेफर कर दिया था, जहां रास्ते में युवक की मौत हुई थी।
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परिजनों ने लघु सचिवालय के सामने शव रखकर किया प्रदर्शन
रविवार को पुलिस ने शव परिजनों को सौंपा तो परिजन शव लेकर हांसी पहुंचे। वे यहां पर लघु सचिवालय के सामने शव रखकर बैठ गए। सूचना पाकर एसडीएम जितेंद्र सिंह व डीएसपी धर्मवीर सिंह मौके पर पहुंचे। यहां पर अनुसूचित जाति की कार्यकर्ता सविता काजल ने बताया कि वे मौके की गवाह है कि पुलिस ने युवक की हत्या की है। एक्टीविस्ट कुलदीप भुक्क्ल ने कहा कि युवक घर में कमाने वाला अकेला था। अब परिवार का गुजारा नहीं हो सकता। इसलिए परिवार से एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दी जाए और परिजनों को सरकार आर्थिक सहायता दे। डीएसपी धर्मवीर सिंह ने संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या और एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने की पुष्टी की।
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