सीआईडी ने तेजेंद्र और चंद्र को नार्को के लिए बुलाया तो दोनों ने जांच से ऐन पहले मना कर दिया।
लिफ्ट इंजीनियर किडनैपिंग मामले में पुलिस ने सफलता हासिल कर ली है। सोमवार को पुलिस ने अपहृत दिल्ली के लिफ्ट इंजीनियर को भरतपुर से छुड़ा लिया। हालांकि अभी पुलिस की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। लेकिन विश्वसनीय सूत्रों का दावा है कि पुलिस ने अपहरण मामले का पटाक्षेप कर दिया है। इससे पहले बदमाशों ने अलवर से अपना ठिकाना बदल लिया था और भरतपुर एरिया में इंजीनियर को बंधक बनाए हुए थे। उन्होंने इंजीनियर राजेेश तिवारी के साथी हिसार पीएलए निवासी सुमित को फोन कर तिवारी के खाते में पांच लाख रुपये डलवाने की बात कही। इसके बाद वे बार बार लोकेशन बदलते रहे। पुलिस आरोपियों की लोकेशन के आधार पर लगातार छापेमारी करने में जुटी रही और अंत में इंजीनियर को छुड़ा लिया। बताया जा रहा है कि अपहरणकर्ताओं ने अपहृत किए लिफ्ट इंजीनियर के पास मौजूद दो एटीएम से इस बीच करीब 97 हजार रुपये भी निकाल लिए।
भरतपुर के एक गांव में खेत की मिली लोकेेशन
पुलिस सूत्रों ने बताया है कि बदमाशों की लोकेशन पहले भरतपुर के एक गांव में खेत की आ रही थी। पुलिस ने सोमवार तड़के 3 बजे छापेमारी की मगर बदमाश कुछ ही देर पहले वहां से तिवारी को लेकर निकल चुके थे। बदमाशों ने सुमित के मोबाइल नंबर पर कॉल कर कहा है कि वह अपने साथी राजेश तिवारी के खाते में पांच लाख रुपये डलवा दे। उन्होंने कहा कि तिवारी के पास एटीएम कार्ड है। हम इसका एटीएम कार्ड यूज कर पांच लाख निकलवा लेंगे और उसे सेफ छोड़ देंगे।
यह था मामला
पीएलए एरिया निवासी सुमित से अलवर (राजस्थान) के बदमाशों ने उसके पार्टनर लिफ्ट इंजीनियर की जान बख्शने के बदले पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। व्यक्ति का साथी राजेश तिवारी शनिवार को ही दिल्ली से अलवर के लिए निकला था। अलवर पहुंचने के पर इंजीनियर को बदमाशों ने बंधक बना लिया और उसे छोड़ने की एवज में पांच लाख रुपये की डिमांड की है। बदमाशों ने पीएलए एरिया निवासी सुमित के पास शाम 4 बजे के आसपास कॉल की। उस वक्त वे बस स्टैंड एरिया के आसपास थे और सिरसा डेरा में जा रहे थे। फिरौती मांगने का मामला सुनते ही उन्होंने नजदीकी थाना यानी सिटी थाना में संपर्क किया और पूरी बात बताई।