अगर राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र का प्रपोजल मंजूर हुआ तो हिसार के लोगों को शहर में ही घुड़सवारी का मौका मिलेगा। यहां प्राचीन काल की तरह से तांगा की सवारी का लुत्फ भी ले सकेंगे। इसके अलावा घोड़ा बुग्गी में बैठकर शाही सवारी का मजा ले सकेंगे। बीकानेर कैमल राइडिंग की तरह इसे विकसित करने की योजना है।
सिरसा रोड स्थित एनआरईसी की ओर से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद को एक प्रस्ताव भेजा गया है। अश्व केंद्र के निदेशक की ओर से यह प्रस्ताव कृषि भवन के डिप्टी डायरेक्टर को दिया गया है। करीब 32 लाख का यह प्रोजेक्ट मंजूरी के इंतजार में है। सांसद दुष्यंत चौटाला की सलाह पर यह प्रस्ताव बनाया गया है, जिसमें एनआरईसी में घुड़सवारी कराने का प्रस्ताव है। केंद्र के पिछले हिस्से में काफी जमीन खाली पड़ी है, जिसे टूरिज्म एरिया के तौर पर विकसित किया जाएगा। इसमें छह शेड बनाए जाएंगे। कुछ डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएंगे। इसके अलावा तांगा- बुग्गी खरीदे जाएंगे। इसके बाद सभी नागरिकों को यहां तांगा सवारी, घुड़सवारी तथा बुग्गी सवारी के लिए अवसर उपलब्ध कराया जाएगा। ऐसे घोडे़ इन काम में लगाए जाएंगे, जो रिसर्च सेंटर में किसी काम के नहीं बचे। प्रस्ताव में बीकानेर के कैमल राइडिंग का हवाला भी दिया गया है। इसी तरह बीकानेर में कैमल राइडिंग के लिए प्रस्ताव दिया है। इसी तरह से यहां हॉर्स राइडिंग कराने का विचार बनाया गया है। अगर ऐसा हुआ तो यह हिसार में एक शानदार टूरिस्ट पैलेस बन कर उभर सकता है। अपने जिले में तीन यूनिवर्सिटी, 14 डिग्री कॉलेज, नेशनल लेवल के चार रिसर्च इंस्टीट्यूट, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम मुख्यालय, मिलिट्री स्टेशन सहित कई अन्य संस्थान हैं। इसके अलावा लुवास में फर्स्ट हरियाणा आर एंड वी स्क्वाड्रन एनसीसी यूनिट भी है, जिसमें 13 घोड़े हैं। प्रतिवर्ष 240 कैडेट्स को प्रशिक्षण दिया जाता है। यहां के घुड़सवार गणतंत्र दिवस की परेड में भी शामिल होते हैं।
कुछ घोड़े रिसर्च में नहीं आ रहे काम
कुछ समय पहले सांसद दुष्यंत चौटाला ने एनआरईसी का मुआयना किया था। यहां कुछ ऐसे घोडे़ भी हैं, जो रिसर्च के काम में नहीं आ रहे। इन घोड़ों का सही उपयोग करने और लोगों को वीएक एंड पर मनोरंजन के लिए बेहतर विकल्प देने के लिए हॉर्स राइडिंग का प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा था। बाद में सांसद ने इस बारे में 22 नवंबर 2106 को पत्र भी लिखा था।
बीकानेर के कैमल राइडिंग की तरह हम यहां हॉर्स राइडिंग शुरू कराना चाहते हैं, जिससे लोग घोड़ों के बारे में जाने। घुड़सवारी का मौका भी मिल सके। इसको लेकर हमने मुख्यालय में प्रपोजल भेजा है। अगर प्रस्ताव मंजूर हुआ तो हम इसे लागू कर लोगों को एक बेहतर विकल्प उपलब्ध कराएंगे।
- बीके त्रिपाठी, निदेशक, एनआरईसी, हिसार