बिजली निगम ने हिसार सर्कल के 85 प्रतिशत से अधिक लाइनलॉस वाले ग्रामीण फीडरों पर बिजली कटौती कर इन गांवों को सबक सिखाने का फैसला लिया है। डीएचबीवीएन की ओर से हिसार सर्कल के 85 प्रतिशत से अधिक लाइनलॉस वाले आरडीएस फीडरों (रूरल एंड डोमेस्टिक फीडर) पर 10 घंटे बिजली कटौती की जाएगी। यानी इन फीडरों से जुड़े गांवों को सिर्फ दो घंटे ही बिजली की सप्लाई मिल पाएगी। बिजली निगम ने सर्कल के ऐसे 17 ग्रामीण फीडरों को चुना है। जिन पर 85 प्रतिशत से अधिक लाइनलॉस है। बिजली निगम अधिकारियों के अनुसार इन गांवों में लगभग फ्री बिजली की सप्लाई हो रही है। क्योंकि लाइनलॉस के आंकड़े देखे तो इन ग्रामीण फीडरों पर नाममात्र उपभोक्ता हैं। इन उपभोक्ताओं में से भी कुछ उपभोक्ताओं द्वारा ही बिल भरा जाता है। बिजली निगम द्वारा शहरी क्षेत्रों में 20 से 50 प्रतिशत लाइनलॉस वाले फीडरों पर बिजली कटौती की शुरुआत पहले ही शुरू की जा चुकी है।
इन फीडरों पर 85 प्रतिशत से अधिक लाइनलॉस
फीडर - लाइनलॉस (प्रतिशत में)
बुडाना - 93.90
उगालन - 90.09
चितैण - 89.91
दौलतपुर - 88.91
सुलचानी - 88.45
ढाढ - 88.91
छान - 87.56
यहां भी लाइनलॉस
इन फीडरों के अलावा मिर्चपुर फीडर 87.45 प्रतिशत, बिठमड़ा 87.07, सुल्तानपुर 86.86, बड़छप्पर 86.82 बास, पाली 86.12, मिर्चपुर 85.66, मदनहेड़ी 85.30, गगनखेड़ी पर 85.29 प्रतिशत तक लाइनलॉस हो रहा है।
लाइनलॉस वाले गांवों में फ्री हो रही बिजली की सप्लाई
बिजली निगम द्वारा जारी किए गए इन आंकड़ों में ग्रामीण फीडरों पर लगभग फ्री बिजली सप्लाई हो रही है। क्योंकि बुड़ाना, उगालन गांव में 90 प्रतिशत से अधिक लाइनलॉस है। वहीं 85 प्रतिशत लाइनलॉस वाले गांवों में महज 10 प्रतिशत बिजली कनेक्शनों के बिल भेजे जाते हैं। इन 10 प्रतिशत में से भी सिर्फ 2 से 3 प्रतिशत उपभोक्ता ही बिलों का भुगतान करते हैं। इन आंकड़ों को देखे तो गांवों में लगभग फ्री बिजली सप्लाई हो रही है।
यह बोले अधिकारी
85 प्रतिशत से अधिक लाइनलॉस वाले आरडीएस फीडरों पर भी बिजली कटौती का फैसला लिया गया है। इन फीडरों पर बिजली चोरी को रोकने के लिए 10 घंटे बिजली कटौती कर सिर्फ दो घंटे बिजली सप्लाई दी जाएगी।
- डीएल हंसु, एसई, ऑपरेशन सर्कल, डीएचबीवीएन, हिसार