हिसार। शहर के सेक्टर-14 व 33 की मास्टर रोड के लिए सूअर फार्म की जमीन अधिगृहीत की गई है। जमीन पर कब्जा लेने से पहले हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के मुख्य प्रशासन (सीए) ने अपने अधिकारियों से पूछा कि क्या इस जमीन को खरीदना फायदे का सौदा साबित होगा। इस पर अधिकारियों ने मुख्यालय को हरी झंडी दे दी है। हालांकि अभी तक मुख्यालय ने इस बारे में अंतिम फैसला नहीं लिया है। जमीन पर कब्जा न मिलने से 44 फुट के मास्टर रोड का निर्माण कार्य रुका पड़ा है।
बता दें कि सेक्टर 14, 14 पार्ट टू व 33 के लिए 44 फुट रोड का निर्माण किया जा रहा है। इस रोड को सिरसा नेशनल हाईवे से जोड़ा जाना है। मगर बीच में सूअर फार्म की करीब 40 एकड़ जमीन आ गई है। हालांकि एचएसवीपी इस जमीन का अधिग्रहण कर चुका है। जमीन के अधिग्रहण के समय सुअर फार्म ने शर्त रखी थी कि फार्म की नई बिल्डिंग के निर्माण के बाद ही इस जमीन पर एचएसवीपी को कब्जा दिया जाएगा। अभी तक एचएसवीपी ने फार्म के लिए नई बिल्डिंग का निर्माण नहीं कराया है। हालांकि इसके लिए ठसका गांव के पास जमीन का चयन किया जा चुका है। यहां बिल्डिंग निर्माण के लिए अधिकारियों ने 57 करोड़ का एस्टीमेट तैयार कर मुख्यालय भिजवाया हुआ है। इसे मंजूर करने से पहले मुख्यालय ने जिले के अधिकारियों से इस बारे में उनकी राय मांगी है।
सूत्रों की मानें तो अधिकारियों ने इस बारे में मुख्यालय से कहा है कि यह जमीन विभाग के लिए फायदे का सौदा साबित होगा। चूंकि इसके आसपास के एरिया में जमीन की खरीद-फरोख्त अच्छे दामों में हुई है। अगर विभाग रोड बनाने के बाद बाकी जमीन पर कॉमर्शियल साइट विकसित करना चाहता है तो उसे अच्छी खासी कमाई होगी।
28.80 करोड़ की लागत से बनाई जा रही मास्टर रोड
सेक्टर-14, 14 पार्ट टू व 33 के लिए 45 मीटर चौड़ी मास्टर रोड बनाई जा रही है। सड़क की लंबाई 8.8 किलोमीटर होगी। इस प्रोजेक्ट पर 28.80 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस रोड का का एक हिस्सा सेक्टर 14 व 14 पार्ट टू के बीच में बनेगा। दूसरा हिस्सा सेक्टर-14 के बनने वाले तीसरे गेट से भैंस फार्म के साथ-साथ बनाया जाएगा, जो 14 व 14 पार्ट टू को क्रॉस करते हुए सेक्टर-33 से जुड़ेगा। तीसरा हिस्सा सेक्टर-33 के खत्म होनी वाली जगह पर बनेगा, जो सीधा साउथ बाईपास में जुड़ेगा। इसके अलावा चौथा हिस्सा 14 पार्ट टू व 33 के बीच बनने वाली रोड से बस स्टैंड के पीछे साउथ बाईपास को जा रही रोड तक बनाया जाएगा।
अभी इस मामले का केस बनाकर मुख्यालय भेजा हुआ है। वहां से जो भी दिशा-निर्देश आएंगे, उनके अनुसार ही काम किया जाएगा।
- राजेश खौथ, संपदा अधिकारी, एचएसवीपी