हांसी। डायल 112 से जुड़ने के बाद हिसार जिले की सरकारी एंबुलेंस का रिस्पांस टाइम घटने के बजाय बढ़ गया है। एंबुलेंस का रिस्पांस टाइम डायल 112 से जुड़ने से पहले 12 मिनट का था। जो अब बढ़कर 18 मिनट हो गया है। इससे मरीजों को अस्पताल पहुंचने में ज्यादा समय लग रहा है। खासतौर पर हादसों के समय घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाना होता है। ऐसे में एंबुलेंस देरी से पहुंचने पर घायलों की जान भी जा सकती है।
रिस्पांस टाइम सूचना मिलने के बाद किसी मरीज तक पहुंचने का समय होता है। जिले में 30 सरकारी एंबुलेंस हैं और हांसी में दो। फिलहाल जिले की सरकारी एंबुलेंस 17 से 18 मिनट में मरीज तक पहुंच रही हैं। जबकि पहले 108 पर सूचना देने पर मात्र 12 मिनट में एंबुलेंस मरीज तक पहुंचती थी। पहले 108 का सेंटर हिसार जिले में ही था। 108 नंबर पर मरीज के फोन आने के बाद सेंटर में बैठा हुआ कर्मचारी उसकी लोकेशन पूछता और फिर मरीज के पास में उपस्थित एंबुलेंस को तुरंत ही वहां जाने के लिए कहता था, लेकिन अब डायल 112 से जुड़ने के बाद सभी एंबुलेंस सर्विलांस पर हैं। हर एंबुलेंस में एक मोबाइल डाटा टर्मिनल (एमडीटी) दिया हुआ है। जिस पर मरीज तक जाने के लिए सूचना आती है। डायल 112 का सेंटर पंचकूला है। वहां से सूचना एमडीटी पर भेजी जाती है। डायल 112 के सेंटर पर बैठे कर्मचारियों को हिसार जिले की भौगोलिक स्थिति पता न होने के कारण सूचनाएं दूर खड़ी एंबुलेंस को दी जा रही हैं। कई बार नेटवर्क की समस्या के कारण सूचना देरी से मिलती है। जिसकी वजह से जिले की सरकारी एंबुलेंस का रिस्पांस टाइम बढ़ गया है।
बुधवार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक डॉ. वीरेंद्र यादव ने हांसी के नागरिक अस्पताल का निरीक्षण किया था। उन्होंने एंबुलेंस की व्यवस्था जांची थी। तब जिले के डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. तरुण ने 108 की तरह ही डायल 112 का केंद्र हिसार में बनाने की मांग की थी, लेकिन उन्होंने मना कर दिया था।
गलत सूचनाओं से बढ़ रहा टाइम
उदाहरण के लिए हांसी के नागरिक अस्पताल की एंबुलेंस के पास कई बार गंगवा से मरीज लेकर आने की सूचना आती है। कई बार हांसी एंबुलेंस मरीज को लेकर हिसार में जाती है तो उसके पास हिसार के आसपास क्षेत्रों से मरीजों को लाने की सूचना आती है, लेकिन एंबुलेंस का क्षेत्र हांसी होने के कारण वह इन क्षेत्रों में नहीं जा पाते। जिसके कारण एमडीटी पर आई सूचना को रद्द करना पड़ता है। ऐसे में दूसरी एंबुलेंस को सूचना देने पर या फिर दूर की जगह पर जाने से रिस्पांस टाइम बढ़ गया है। अगर सूचना सही समय पर पास खड़ी एंबुलेंस को मिले तो हादसों में घायलों को तुरंत अस्पताल में लाया जा सकेगा।
दो महीने पहले जिले की सभी एंबुलेंस को डायल 112 से जोड़ा गया है। इसमें कई बार सूचनाएं सही नहीं मिल रही। दूर की एंबुलेंस को सूचना दी जा रही है। सिस्टम एरर की वजह से ऐसा हो रहा है। जबकि कर्मचारियों की तरफ से रिस्पांस करने में देरी नहीं है। ऐसी समस्या कई अन्य जिलों में भी है। सिस्टम अभी नया है। अभी डायल 112 के हेडक्वार्टर पर अभी एंबुलेंस सूचना की दो ही लाइन हैं। वहां 96 कर्मचारियों की नियुक्ति होनी है। इसके बाद सुधार होगा तो रिस्पांस टाइम घट जाएगा। - डॉ. तरुण, डिप्टी सिविल सर्जन, हिसार