जिस व्यक्ति को सांप न काटा है उसे बेहोश न होने दें।
झाड़ फूंक के चक्कर में न पड़े, चिकित्सक से इलाज कराएं।
सांप के काटने वाली जगह पर रूमाल, कपड़ा आदि न बांधें।
काटने वाली जगह पर कोई चीरा आदि न लगाएं।
ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश के मामले अधिक
सर्पदंश के ज्यादातर मामले वनांचलों एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं। ग्रामीण बारिश के मौसम में खेतों में काम करते हैं। इससे उनके सर्पदंश के शिकार होने की आशंका और अधिक बढ़ जाती है। स्वास्थ्य विभाग ने सर्पदंश से बचने के लिए ग्रामीणों को बारिश के मौसम में जमीन पर नहीं सोने और सर्प दंश की स्थिति में तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में उपचार लेने की सलाह दी है।
अधिकारी के अनुसार
इस मौसम में काफी सांप निकल रहे हैं। दो माह की बात करें तो टीम ने 70 सांप पकड़े हैं। ऐसे में सावधानी बरतने की जरूरत है। विभाग की ओर से हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। घरों में सांप दिखाई देने पर सूचित करेंगे तो हमारी टीम रेस्क्यू करने पहुंचेगी। सांप काटने पर जल्द इलाज शुरू करना चाहिए। झाड़-फूंक जैसे अंधविश्वास में पड़कर मरीज की जान को खतरे में न डालें। - दिनेश जांगड़ा, इंस्पेक्टर, वन्य प्राणी विभाग।