बरवाला। बरवाला क्षेत्र की आबादी लगभग 58 हजार है और इसे अब नगर परिषद घोषित कर दिया गया है। नगर परिषद बनने से क्षेत्र को अधिक वित्तीय अधिकार मिलेंगे और बुनियादी ढांचे के विकास में मजबूती आएगी। हरियाणा नगर पालिका अधिनियम 1973 के तहत इसकी पहली सूचना जारी कर दी गई है। इस बदलाव पर चेयरमैन और पार्षदों सहित नगरवासी खुश हैं।
नगर परिषद बनने के बाद कार्यालय में अब कनिष्ठ अभियंता, एमई और ईओ समेत कई नए पद सृजित किए जाएंगे, जिससे अधिकारियों और कर्मचारियों की संख्या में वृद्धि होगी और प्रशासनिक कामकाज और प्रभावी होगा।
चेयरमैन रमेश बैटरीवाला ने बताया कि वह और नगर पार्षद पिछले लंबे समय से इस मांग को लगातार उठा रहे थे। मासिक बैठक में बरवाला को नगर परिषद का दर्जा देने का प्रस्ताव पारित किया गया था। अब निकाय का दर्जा बढ़ने से बरवाला के विकास को तेज गति मिलेगी और लोगों की बुनियादी सुविधाओं में इजाफा होगा।।
नगर परिषद के वार्ड एक के पार्षद संजय भादड़ का कहना है कि स्थानीय स्तर पर लोगों की समस्याओं का समाधान अधिक प्रभावी तरीके से होगा। नगर परिषद बनने से क्षेत्र का तेजी से शहरी विकास होगा। लोगों को अधिक सुविधाएं मिलेंगी।
वार्ड तीन से पार्षद राजा महता ने बताया कि यह मांग पिछले लंबे अर्से से की जा रही थी। नगर परिषद बनने से क्षेत्र में विकास कार्यों में और अधिक तेजी आएगी। परिषद में अधिकारियों की अतिरिक्त नियुक्तियों का लोगों को लाभ मिलेगा।
वार्ड 11 की पार्षद पुष्पा मौर्या ने बताया कि उन्हें उम्मीद है कि नगर परिषद बनने के बाद नगर में सड़कों-गलियों का निर्माण और मरम्मत, स्ट्रीट लाइट आदि की व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। इसका लाभ जनता को होगा।
वार्ड 12 की पार्षद मंजू रानी के अनुसार नगर परिषद बनने के बाद शहर की स्वास्थ्य सेवाओं, शहर की स्वच्छता में इजाफा, सीवरेज प्रणाली में इजाफा और सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण आदि कार्यों में इजाफा होगा।