हिसार। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत खरीफ सीजन 2025 की तैयारी के लिए शुक्रवार को कार्यशाला हुई। इसकी अध्यक्षता जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक विनोद कुमार ने की।
बैठक में बैंकों के जिला समन्वयकों व अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी बैंक अपने ऋणी किसानों का बीमा प्रीमियम 31 जुलाई तक काट लें और 15 अगस्त तक बीमित फसल अनुसार पूर्ण डाटा पोर्टल पर अपलोड करें ताकि किसी प्रकार की समस्या न आए।
यह भी अपील की गई कि यदि किसी किसान ने फसल परिवर्तन किया है तो वह समय रहते बैंक को सूचित करें ताकि सही फसल प्रीमियम का कटान हो सके। बीमा फसल की जानकारी किसान द्वारा फार्म अनुसार व ग्राम स्तर पर फसल सत्यापन के अनुसार पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड की जानी चाहिए। इसके अतिरिक्त जो ऋणी किसान अपनी फसल का बीमा करवाने का इच्छुक हैं, वह अपने बैंक खाते में बीमा राशि जितना पैसा अवश्य रखें। इसके अतिरिक्त जो किसान अपनी फसल का बीमा नहीं करवाना चाहते है, वह स्वयं संबंधित बैंक शाखा में जा कर ऑप्ट आउट फॉर्म भरें।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत किसानों को धान के लिए 2124.98 रुपये प्रति हेक्टेयर, कपास के लिए 5435.05 रुपये प्रति हेक्टेयर, बाजरा के लिए 1024.36 रुपये प्रति हेक्टेयर, मूंग के लिए 953.50 रुपये प्रति हेक्टेयर तथा मक्का के लिए 1089.74 रुपये प्रति हेक्टेयर की दरों पर बीमा कवर प्रदान किया जा रहा है। उप-कृषि निदेशक डॉ राजबीर सिंह ने सभी बैंकर्स को हिदायत दी कि आप अपने बैंक के माध्यम से अधिक से अधिक किसानों को उपरोक्त स्कीम का लाभ उठाने के लिए जागरूक करे तथा किसानों की सही फसल और सही गांव सहित स्टिक डेटा के आधार इत्यादि का बीमा करें ताकि भविष्य में किसानों को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।