नारनौंद। महिला से मारपीट, छेड़छाड़ और जबरन उठाकर ले जाने के मामले में पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी जींद की एक निजी फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी सोनू, बिट्टू, नीरज और सरोज को चालान के साथ अदालत में पेश किया। अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार क्षेत्र के एक गांव की महिला ने फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों पर किस्त बकाया होने के कारण घर में घुसकर धमकाने, छेड़छाड़, मारपीट और अपहरण के आरोप लगाए थे। इस पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। पीड़िता ने बताया कि उसने अपने पति के साथ करीब एक वर्ष पहले 3.20 लाख रुपये का लोन लिया था। आर्थिक तंगी के कारण एक किस्त बकाया रह गई। आरोप है कि 28 फरवरी 2026 को बकाया राशि के लिए कंपनी के कर्मचारी उसके घर पहुंचे और भुगतान का दबाव बनाया।
आरोप है कि कर्मचारी जबरन उसे स्कूटी पर बैठाकर ले गए। रास्ते में सुनसान स्थान पर मारपीट छेड़छाड़ की। बाद में मिल्कपुर के पास स्कूटी से गिरने पर आसपास लोग एकत्र हो गए जिसके बाद आरोपी भाग गए। पुलिस जांच में चारों की पहचान जींद की निजी फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों के रूप में हुई। मामले में पहले आरोपियों को अदालत से राहत मिलती रही लेकिन चालान पेश होने के बाद अदालत ने शुक्रवार को जमानत देने से इन्कार कर सभी को जेल भेज दिया।