अब आयुष्मान भारत योजना में शामिल अस्पताल होटलों के स्टार की तरह पहचाने जा सकेंगे। अस्पतालों को सुविधा मुहैया कराने के हिसाब से स्वर्ण, रजत व कांस्य स्तर का दर्जा मिलेगा। अस्पतालों को दर्जा मिलने से मरीजों को उच्च दर्जे के अस्पतालों का चुनाव करने में आसानी होगी। वहीं इससे दर्जा प्राप्त अस्पताल संचालकों को भी फायदा होगा। स्वर्ण का दर्जा पाने वाले अस्पताल को 15 व रजत का दर्जा पाने वाले अस्पताल को इलाज खर्च के अलावा 10 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
वीरवार को अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में आयुष्मान भारत योजना में शामिल हिसार, भिवानी, फतेहाबाद व सिरसा जिले के अस्पताल संचालकों की बैठक हुई। यह बैठक राष्ट्रीय हेल्थ अथॉरिटी व क्वालिटी कंट्रोल ऑफ इंडिया की तरफ से आयोजित की गई। बैठक में इन चारों जिलों से 100 अस्पताल संचालकों ने भाग लिया। इस दौरान अस्पताल संचालकों को इस मूल्यांकन योजना के बारे में बताया गया। बैठक में सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया, नोडल अधिकारी डॉ. मनीष पचार, डॉ. राकेश सहारन, डॉ. तरुण, डॉ. मोनिका आदि मौजूद रहे।
अस्पताल संचालकों को करना होगा ऑनलाइन आवेदन
इस मूल्यांकन प्रक्रिया में शामिल होने के लिए अस्पताल संचालकों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। स्वर्ण व रजत के लिए वहीं अस्पताल आवेदन कर सकेंगे, जो नेशनल एक्रीडेशन बोर्ड ऑफ हॉस्पिटल (एनएबीएच) से मान्यता प्राप्त होंगे। मूल्यांकन करते समय अस्पताल में कर्मचारियों की संख्या, उपलब्ध सुविधाएं, साफ-सफाई आदि मानकों का ध्यान रखा जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार अस्पतालों का मूल्यांकन करने का मकसद स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करना है।
अस्पताल संचालक भी बना सकेंगे गोल्डन कार्ड
अब आयुष्मान भारत योजना में शामिल अस्पताल भी लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बना सकेंगे। बैठक में इस बारे में अस्पताल संचालकों को अवगत कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि पोर्टल के माध्यम से वह कार्ड बना सकते हैं। बता दें कि अभी तक कॉमन सर्विस सेंटरों पर गोल्डन कार्ड बनाने की सुविधा उपलब्ध है।
मरीजों की सही ढंग से करें काउंसिलिंग
बैठक में कहा कि अस्पताल संचालक इस योजना के तहत आने वाले मरीजों को कैशलेस इलाज उपलब्ध कराएं। इसके अलावा उनकी सही ढंग से काउंसिलिंग की जाए। अगर किसी बीमारी का इलाज उक्त अस्पताल में उपलब्ध नहीं है तो मरीजों का उस अस्पताल के बारे में भी बताए, जहां वह अपना इलाज करा सके।
अब अस्पतालों का मूल्यांकन किया जाएगा, जिससे अस्पताल संचालकों व मरीजों दोनों को फायदा होगा। इसी को लेकर यह बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें हिसार सहित चार जिलों के अस्पताल संचालकों ने भाग लिया
डॉ. मनीष पचार, जिला नोडल अधिकारी, आयुष्मान भारत योजना।