people gives idea firstly on budget
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प्रदेश में पहली बार बजट को लेकर लोगों से सुझाव मांगे जा रहे हैं। इसी के तहत शुक्रवार को हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) में बजट पूर्व संमत्रण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विवि के बेसिक साइंस कॉलेज के ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में कृषि मंत्री जेपी दलाल ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों व विवि के कुलपतियों से बजट को किसानों के अनुरूप बनाने को लेकर विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान कृषि क्षेत्र से जुड़े उद्योगपतियों व प्रगतिशील किसानों ने बजट को लेकर अपने सुझाव रखे। बता दें कि इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मनोहर लाल को शिरकत करनी थी। मगर चंडीगढ़ में मौसम खराब होने के कारण मुख्यमंत्री का हेेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका, जिस वजह से वह इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। मुख्यमंत्री की जगह कृषि मंत्री जेपी दलाल ने यह बैठक ली। कार्यक्रम में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के मुख्य सचिव पीके दास, पशुपालन एवं डेयरी विभाग की प्रधान सचिव नीरजा शेखर, हकृवि कुलपति प्रो. केपी सिंह, महानिदेशक राजकोषीय प्रंबधन विकास गुप्ता, हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड के मुख्य प्रशासक जे गणेशन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के निदेशक शेखर विद्यार्थी, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के निदेशक चंद्रशेखर खरे, उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी, लुवास कुलपति गुरदयाल सिंह आदि मौजूद रहे।
आर्गेनिक उत्पादों के लिए स्थापित होगी एजेंसी
कृषि मंत्री ने कहा कि आर्गेनिक उत्पादों की प्रमाणिकता के लिए जल्द ही एक एजेंसी स्थापित की जाएगी। आर्गेनिक प्रमाणिकता एजेंसी को विश्वविद्यालय और विभाग के माध्यम से संचालित किया जाएगा और प्रदेश के किसानों के आर्गेनिक उत्पादों के लिए प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। इस कार्य के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी अपनी सहमति दे दी है। इसके अलावा गन्नौर की मंडी में किसानों की एफपीओ के लिए अलग प्लाट अलॉट करने के लिए बिडिंग करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि फसल भंडारण के कार्य में कई खामियां हैं, जिससे सरकार को भी इसमें दिक्कत आती है। कोशिश की जाएगी कि इस कार्य में किसान को शामिल कर उसकी आमदनी को भी बढ़ाया जाए। सरकार इस प्रयास में है कि दिल्ली के आसपास हरियाणा के अलग-अलग स्थानों पर ऐसे केंद्र स्थापित किए जाएं, जहां से दिल्ली एनसीआर में उत्पादों की सप्लाई हो और प्रदेश के किसान अपने उत्पादों को इन केंद्रों तक पहुंचाएं। प्रदेश के किसान और कृषि जगत से जुड़े सभी संस्थानों को दिल्ली में रहने वाले लोगों की संख्या को ध्यान में रखते हुए उत्पादन को प्राथमिकता दें।
बरानी जमीनों पर सोलर आधारित बिजली पैदा करने की योजना
उन्होंने कहा कि कहा कि बजट में पशु नस्ल सुधार के कार्य के लिए राशि की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। हाल ही में ऐसा सीमन विकसित किया गया है, जिसके प्रयोग से केवल बछड़ी ही जन्म लेती है। इस सीमन को और सस्ता करने की कोशिश की जाएगी। सरकार कृषि व कृषि क्षेत्र और मछली पालन आदि से जुड़े लोगों के प्रोसेसिंग प्लांट के बिजली के रेटों को तर्कसंगत करने पर विचार कर रही है। इसके अलावा प्रदेश में बरानी जमीनों को लीज पर लेकर सोलर आधारित बिजली पैदा करने की योजना है।
मशरूम कोल्ड स्टोर बनाने की योजना
अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल ने कहा कि आगामी बजट में मशरूम कोल्ड स्टोर जैसी अनेक प्रकार की व्यवस्थाओं को शामिल करने के प्रयास किए जाएंगे। प्रदेश की गन्ना मिलों को सब्सिडी में शामिल में किया गया है ताकि किसानों को समय पर भुगतान हो सके। प्रदेश के कई हिस्सों में जल्द ही बासमती एक्सीलेंस सेंटर स्थापित करने की योजना है। इसके अलावा प्रदेश के प्रत्येक ब्लॉक मुख्यालय पर एक बड़ी मिट्टी जांच लैब स्थापित की जाएगी।
हिसार एयरपोर्ट पर विकसित करेंगे ड्राई पोर्ट
वित्त सचिव टीवीएसएन प्रसाद ने निर्यात केंद्र के बारे में दिए गए सुझाव पर कहा कि हिसार के हवाई अड्डे पर दूसरा रनवे जल्द ही तैयार हो जाएगा और यहां ड्राई पोर्ट विकसित करने की कोशिश की जाएगी ताकि प्रदेश के किसान अपने उत्पादों को आसानी से निर्यात कर सके। उन्होंने उपस्थित किसानों से हिसार हवाई अड्डे के माध्यम से निर्यात की जा सकने वाली चीजों के बारे में सुझाव भी मांगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा के किसानों को जल्द ही शुरू होने वाले दिल्ली-मुंबई रेल कॉरिडोर का लाभ मिलेगा।