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हिसार को देश की पहली एवियेशन यूनिवर्सिटी देने की तैयारी

Fri, 22 Jul 2016 01:23 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, हिसार
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aeroplane - फोटो : Demo
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हिसार शहर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ कार्गो एयरपोर्ट, एमआरओ बनाने की योजना के साथ ही यहां एवियेशन यूनिवर्सिटी भी बनाई जाएगी। इसमें इन तीनों की जरूरत के अनुसार यहां कोर्स शुरू किए जाएंगे। ताकी तकनीकी दक्ष युवाओं को यहां पर ही तैयार किया जा सके। हिसार में इंटरनेशनल एयरपोर्ट विकसित करने के साथ शहर को चौथी यूनिवर्सिटी मिलने की संभावना है।
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जीजेयू कैंपस में वीरवार को इंटरनेशनल एयरपोर्ट को लेकर आयोजित मीटिंग में इस मुद्दे को लेकर गंभीरता से मंथन किया गया। हिसार में एवियेशन यूनिवर्सिटी स्थापित करने के बाद यहां पायलेट से लेकर मेंटेनेंस इंजीनियर तक सभी स्तर के कोर्स शुरू होंगे। यहां पर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, कार्गो तथा एमआरओ विकसित करने बाद बड़ी संख्या में ट्रेंड मैन पावर की जरूरत होगी। इस मैन पावर की डिमांड को यहां से ही पूरा किया जा सके। इसके लिए प्लानिंग की जा रही है। यूनिवर्सिटी बनाने में दो से तीन साल का समय लग सकता है। तब तक जीजेयू में एवियेशन से संबंधित कोर्सों को शुरू किया जाएगा। अगले सत्र से इसे शुरू किया जा सकता है।

तीन दिन पहले पाठ्यक्रमों को लेकर हुआ मंथन
इससे पहले 17 जुलाई को वित्त आयोग के अध्यक्ष मुकुल असद सहित अन्य आला अधिकारियों ने मीटिंग की थी। इसमें एवियेशन से संबंधित कोर्स चलाने पर चर्चा हुई थी, जिसमें पहले चरण में एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग, मेंटेनेंस एंड रिपेयरिंग इंजीनियरिंग के कोर्स शुरू करने पर मंथन किया गया था।
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तो जीजेयू में ही चलाए जाएंगे कोर्स
कंसलटेंसी कंपनी ने अपनी प्रेजेंटेशन के दौरान एवियेशन यूनिवर्सिटी बनाने को लेकर अपना व्यू रखा था। जिस पर मीटिंग में चर्चा की गई। मीटिंग के बाद ओएसडी भूपेंद्र सिंह ने कहा कि एविएशन यूनिवर्सिटी बनाने जाने की पर चर्चा हुई है। इसमें समय लगेगा। तब तक जीजेयू में ही एवियेशन से संबंधित कोर्स चलाए जाएंगे।

जीजेयू का मिलेगा सहयोग
जीजेयू विज्ञान एवं तकनीकी विश्वविद्यालय होने के कारण यहां इंजीनियरिंग से संबंधित कोर्स चलाए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय में तरह तरह की रिसर्च भी होती है। यहां एवियेशन से संबंधित कोर्स चलाना सबसे बेहतर हो सकता है। विवि को नैक से ए ग्रेड हासिल है। एयरपोर्ट के बेहद करीब होने के अलावा यूनिवर्सिटी के पास आधारभूत ढांचा भी उपलब्ध है।

पायलेट कोर्स एयरोड्रम में
हिसार एयरोड्रम में कॉमर्शियल पायलेट के लिए कोर्स लंबे समय पहले से चलाया जा रहा है। फ्लाइंग क्लब की ओर से इसमें 15 सीट तय हैं। एक युवा को करीब 200 घंटे की हवाई प्रेक्टिकल ट्रेनिंग दी जाती है। कोर्स के लिए करीब 22 लाख रुपये की फीस तय है।
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तीन विश्वविद्यालय
- देश का दूसरे नंबर का कृषि विश्वविद्यालय एचएयू में खेती को लेकर हर तरह की रिसर्च होती है। 
- देश का नंबर एक तकनीकी विश्वविद्यालय जीजेयू जहां विज्ञान एवं तकनीक को लेकर होती है रिसर्च।
- हाल ही में बना हरियाणा का एकमात्र पशु चिकित्सा एवं विज्ञान विश्वविद्यालय लुवास जहां पशु एवं पशु विज्ञान से संबंधित शोध होते हैं।
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