हिसार। हरियाणा के 22 सरकारी स्कूलों के जर्जर भवनों और सामान की नीलामी का विवरण सामने आने के बाद विद्यार्थियों की सुरक्षा और पढ़ाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हरियाणा कर्मचारी महासंघ के पूर्व राज्य महासचिव एवं सेवानिवृत्त कर्मचारी एमएल सहगल ने प्रदेश सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।
सहगल ने जारी बयान में कहा कि शिक्षा विभाग के अधीन वर्षों पहले बने अनेक सरकारी प्राथमिक, माध्यमिक और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के भवन जर्जर हो चुके हैं। इन इमारतों में विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा खतरे में है। ऐसे भवनों को अनुपयोगी घोषित कर उनकी नीलामी की जा रही है, लेकिन सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनकी पढ़ाई जारी रखने के लिए क्या प्रबंध किए गए हैं।
उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि जर्जर भवनों वाले स्कूलों के विद्यार्थियों की सुरक्षा और उनकी पढ़ाई के लिए किए गए वैकल्पिक इंतजामों की जानकारी सार्वजनिक की जाए।