हिसार। सायरन बजते ही दुर्घटना स्थल से 25 घायल नागरिकों का रेस्क्यू किया गया। इनमें से 7 को प्राथमिक उपचार देकर भेज दिया गया। अन्य 18 घायलों को महाराजा अग्रसेन नागरिक अस्पताल और सपरा अस्पताल पहुंचाया गया। इलाज के दौरान 2 घायलों की मृत्यु हो गई। घायल नागरिकों के लिए 30 यूनिट रक्त की आवश्यकता पड़ी।
यह नजारा हमें ऑपरेशन शील्ड नागरिक सुरक्षा अभ्यास के तहत शनिवार को हुई सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल के दौरान दखने का मिला। यह मॉक ड्रिल शाम 5 बजे लघु सचिवालय परिसर स्थित एसडीएम कार्यालय में शुरू हुई। लघु सचिवालय के भू-तल पर बनाए गए कंट्रोल रूम में दूरभाष नंबर 01662-231137 हॉट लाइन पर सूचना मिलते ही सायरन बजाया।
दुर्घटना की जानकारी मिलते ही सभी एमरजेंसी सेवाएं सर्च एंड रेस्क्यू के लिए एसडीएम कार्यालय हिसार पर पहुंची। सभी नोडल अधिकारियों ने स्टेजिंग एरिया में पहुंचकर स्टेजिंग एरिया मैनेजर को रिपोर्ट किया। दमकल विभाग की 2 गाड़ियों से आगजनी व ऊंचे स्थान पर फंसे लोगों को निकालने का काम किया। गंभीर स्थिति में फंसे लोगों को बचाने के लिए जेसीबी मशीन व बड़े आयरन कटर का उपयोग किया गया।
हॉटलाइन पर एयर रेड क्लियर होने सूचना मिलने पर दोबारा से ऑल क्लियर सायरन बजाकर लोगों को सूचित किया गया। रात 8 बजे से 8:15 तक ब्लैकआउट किया जाए।
एसडीएम ज्योति मित्तल ने बताया कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय के निर्देश अनुसार इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य जिला में आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र की मजबूती व नागरिक सुरक्षा प्रणाली की तैयारियों की जांच करना है। फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस का रिस्पांस टाइम भी सही रहा।
नगर निगम के संयुक्त आयुक्त प्रीतपाल सिंह, नगराधीश हरिराम, तहसीलदार रामनिवास भादू, तहसीलदार अनिल कुमार, सिविल सर्जन डॉ. सपना गहलावत, डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. सुभाष खतरेजा, एक्सईएन जतिन खुराना, एक्सईएन बलकार रेड्डू सहित अन्य अधिकारियों ने समीक्षा बैठक कर आपदा प्रबंधन तैयारियों की विस्तार से चर्चा की।