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सेना भर्ती : एंट्री नहीं मिली तो अभ्यर्थियों ने मेडिकल व रिस्क प्रमाणपत्र पर किए फर्जी हस्ताक्षर

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army recruitment - candidate sign forged medical certifate and risk certificate - फोटो : Hisar
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छावनी में शनिवार से शुरू हुई सेना भर्ती के पहले दिन ही फर्जीवाड़े का मामला पकड़ा गया। सिरसा व जींद से आए कई अभ्यर्थियों ने एंट्री करने के लिए मेडिकल प्रमाणपत्र व रिस्क प्रमाणपत्र पर फर्जी हस्ताक्षर कर दिए। मुख्य द्वार पर तैनात चिकित्सकों की टीम को हस्ताक्षरों पर संदेह हुआ। इसके बाद जांच के लिए संबंधित चिकित्सकों के पास वेरिफिकेशन के लिए व्हाट्सएप पर भेज दिया। जांच में हस्ताक्षर फर्जी मिले, जिसके बाद सेना के जवानों ने संबंधित अभ्यर्थियों की गहनता से पूछताछ की और उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया।
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30 फीसदी अभ्यर्थियों के पास नहीं मिले मेडिकल व रिस्क प्रमाणपत्र
सेना भर्ती के पहले दिन शनिवार को सिरसा व जींद के 2100 अभ्यर्थी हिसार छावनी पहुंचे थे। 30 फीसदी अभ्यर्थियों के पास मेडिकल व रिस्क प्रमाणपत्र नहीं मिले, जिस कारण ऐसे अभ्यर्थी भर्ती परीक्षा में एंट्री भी नहीं कर पाए। ऐसे में कई अभ्यर्थियों ने दोनों प्रमाणपत्र बनवाने के लिए भागदौड़ जरूर की, लेकिन तब तक लेट होने के कारण उन्हें अंदर प्रवेश ही नहीं करने दिया गया।
112 ने पार की दौड़ की बाधा
शनिवार को सेना भर्ती के पहले दिन जींद व सिरसा से कुल 2100 अभ्यर्थी शारीरिक पात्रता परीक्षा देने पहुंचे। इनमें से केवल 112 अभ्यर्थी ही दौड़ की बाधा को पार कर पाए। 650 अभ्यर्थियों को दस्तावेज की कमी के कारण बाहर कर दिया गया, जबकि शेष अभ्यर्थी दौड़ की बाधा में फेल होने के कारण बाहर हो गए। दौड़ के बाद बीम चरण में एक अभ्यर्थी फेल हो गया, जबकि नौ फीट गड्ढा कूदना, कद व जिग जैग चरण में सभी अभ्यर्थी पास हो गए। सैनिक जनरल ड्यूटी, सैनिक लिपिक, सैनिक स्टोरकीपर व तकनीकी पद के लिए अब चयनित अभ्यर्थियों का मेडिकल व अन्य टेस्ट निर्धारित समय पर लिया जाएगा। रविवार को हिसार व फतेहाबाद जिले के अभ्यर्थी सेना भर्ती में भाग लेंगे, जोकि लिपिक पद के लिए होगी।
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नागरिक अस्पताल में दिखी अव्यवस्था
सेना भर्ती में एंट्री करने से पहले जब अभ्यर्थियों के पास मेडिकल व रिस्क प्रमाणपत्र नहीं मिले तो वे सुबह चार बजे के बाद नागरिक अस्पताल में पहुंचने शुरू हो गए। अधिक भीड़ होने के कारण शनिवार को पूरा दिन ओपीडी काउंटर के बाहर अव्यवस्था दिखी, जिस कारण आमजन को ओपीडी पर्ची कटवाने के लिए घंटे भर लाइन में लगना पड़ा, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।
अधूरी जानकारी लेकर सेना भर्ती में पहुंच रहे अभ्यर्थी
हिसार छावनी के पहले दिन शनिवार को जानकारी के अभाव में अभ्यर्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अभ्यर्थी ज्वाइन इंडियन आर्मी वेबसाइट को देखे बिना ही सेना भर्ती में पहुंच रहे हैं, जिस कारण दस्तावेजों की कमी होने से अभ्यर्थियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है। गौरतलब है कि सेना भर्ती में अभ्यर्थी के पास मेडिकल प्रमाणपत्र व रिस्क प्रमाणपत्र का होना अनिवार्य है।
निजी लैब संचालक ने 250 रुपये में बनाया प्रमाणपत्र, नहीं हुआ स्वीकार
भर्ती के लिए हिसार छावनी में जब युवा पहुंचे तो उन्हें वहीं पहुंचकर जानकारी मिली कि उन्हें मेडिकल प्रमाण पत्र देना है। ऐसे में उन्होंने सातरोड़ स्थित एक पैथ लैब से प्रमाणपत्र बनवाना शुरू किया। पैथ लैब संचालक ने भी धड़ल्ले से युवाओं को प्रमाणपत्र बनाकर देना शुरू कर दिया। युवाओं से प्रति प्रमाणपत्र 250 रुपये वसूले जा रहे थे। जब युवक प्रमाणपत्र लेकर भर्ती के लिए छावनी में जाने लगे तो उन्हें इस प्रमाणपत्र के आधार प्रवेश ही नहीं दिया गया। इस बारे में जींद जिले के बागड़ूकलां गांव निवासी सुमित चहल ने बताया कि निजी पैथ लैब संचालक ने गलत मुहर लगाकर दी, जिसे अंदर स्वीकार नहीं किया। सुमित ने बताया कि उसके बाद वह नागरिक अस्पताल से प्रमाणपत्र बनवाकर लाया, जिसके बाद अंदर प्रवेश मिला।
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मेडिकल प्रमाणपत्र न होने के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शनिवार सुबह से ही मैं मेडिकल प्रमाणपत्र बनवाने के लिए भागदौड़ करता रहा।
- सुनील, अभ्यर्थी।
मैंने 250 रुपये देकर निजी लैब से मेडिकल पत्र बनवाया है। इस कारण परेशानी का सामना करना पड़ा।
- रणबीर, अभ्यर्थी।

सेना भर्ती के लिए हिसार छावनी में आयोजित दौड़ में भाग लेते अभ्यर्थी।- फोटो : Hisar

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