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100 छोरयां पै 70 छौरी, क्यूकर जोड़ लगाओगे

Sun, 13 Dec 2015 11:25 PM IST
अमर उजाला हिसार/ब्यूरो
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गुरुकुल, धीरणवास के 44वें वार्षिक महोत्सव का दूसरा दिन नारी शक्ति को समर्पित रहा। गुरुकुल के कुलपति स्वामी सर्वदानंद सरस्वती व स्वामी कृष्णानंद के सान्निध्य में हुए महोत्सव में मुख्यातिथि के रूप में मुख्य संसदीय सचिव डॉ. कमल गुप्ता उपस्थित हुए।
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डॉ. गुप्ता ने कहा कि आज देश में महिलाएं किसी भी वर्ग में पुरुषों से कम नहीं हैं। अपितु अग्रणी हैं, इसलिए बेटियां अभिशाप न होकर मानव जाति का अनमोल रत्न है।

नारी के बिना अस्तित्व ही नहीं है। बेटी को बचाना व पढ़ाना अति आवश्यक है और यह कार्य देश के अंदर आर्य समाज व गुरुकुल पहले से ही करता आ रहा है।

महोत्सव की अध्यक्षता पूर्व सांसद पं. रामजीलाल ने की। इस मौके पर फतेहाबाद के एसडीएम संतलाल पचार, कन्या गुरुकुल डोबी के कुलपति बलजीत सिंह आर्य को गुरुकुल कमेटी के पदाधिकारियों ने स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
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प्रवक्ता सत्यपाल अग्रवाल ने बताया कि महोत्सव के दौरान ऋषि लंगर का आयोजन भी किया गया। महोत्सव में आज हुए यज्ञ के ब्रह्मा देवदत्त शास्त्री ने मंच संचालन किया।

इस अवसर पर भाजपा के जिला महामंत्री सुजीत कुमार, मंडल अध्यक्ष नरेश सिंगल, मदनलाल गोयल, सेठ रामनिवास नारनौंद, जुगतीराम जींद, दलबीर आर्य, महाबीर तहसीलदार, महेन्द्र सिंह पायल आदि उपस्थित रहे।

हरियाणवीं भजनों से दिया संदेश
करनाल से आई भजनोपदेशक अंजली आर्या ने गिरते लिंगानुपात पर चिंता प्रकट करते हुए हरियाणवी लहजे में 100 छोरयां पै 70 छौरी, क्यूकर जोड़ लगाओगे।

बेटी नहीं बचाओगे तो बहू कड़ै तैं ल्याओगे गाकर बेटी बचाओ का संदेश दिया। उन्होंने भारतीय नारी की महिमा का गुणगान करते हुए अनेक भजन प्रस्तुत किए।

भरतपुर से आई प्रियंका भारती ने स्वामी दयानंद ने नारी महत्व को समझते हुए सर्वप्रथम नारियों को शिक्षा, विधवा विवाह का अधिकार दिलवाया और भ्रूण हत्या व बाल विवाह पर रोक लगाने का कार्य किया।

प्रियंका ने लाख जगाने वाले आए, फिर भी न जग पाए, तु हे क्या हो गया है आदि भजन गाकर लोगों को संदेश दिया।

आर्य नगर की कल्याणी आर्या ने भजन के रूप में प्रार्थना की कि भगवान हमें वह शक्ति दो हम विदुषी नारी बन जाएं। दो-चार नहीं भूमंडल ही, सारी की सारी बन जाएं।
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दिल्ली से आए डॉ. नरेन्द्र वेदांलकार व भिवानी से आए पं. ज्ञानेन्द्र तेवतिया ने प्रेरणादायी भजन प्रस्तुत किए।
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