बैठक में मौजूद मनरेगा बचाओ संघर्ष समिति के सदस्य।
हिसार। मनरेगा बचाओ मोर्चा की संयुक्त बैठक मंगलवार को जाट धर्मशाला में आयोजित की गई। इस बैठक में हिसार, फतेहाबाद, कैथल, हांसी और पानीपत जिलों की मजदूर यूनियनों और मेट संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया कि मनरेगा को प्रभावी रूप से लागू करवाने के लिए 30 जनवरी को दिल्ली कूच किया जाएगा।
मोर्चे की प्रवक्ता धीरज गाबा और राजेश चौबारा ने बताया कि आगामी कार्यक्रमों के तहत प्रदेश के 10 जिलों में पदयात्राएं और जत्था यात्राएं आयोजित की जाएंगी। इन यात्राओं के माध्यम से गांव-गांव मजदूर पंचायतें आयोजित कर वीबी-जीरामजी कानून वापस लो और मनरेगा को पुन: मजबूती से लागू करो जैसी मांगों को लेकर मजदूरों को जागरूक किया जाएगा।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे अजय ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा लाया गया नया कानून रोजगार गारंटी पर सीधा हमला है। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा 125 दिन रोजगार देने के दावे केवल जुमले हैं। बैठक के अंत में मनरेगा बचाओ मोर्चा के सभी सहयोगी संगठनों ने संकल्प लिया कि इस आंदोलन को गांव स्तर तक ले जाया जाएगा और 30 जनवरी को दिल्ली में मनरेगा बचाओ महापंचायत आयोजित की जाएगी।
बैठक में मांग की गई कि हिसार के जनपक्षधर पत्रकार उदय भान पर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के गलत आरोपों को तुरंत वापस लिया जाए। बैठक में प्रमुख नेता करतार सिंह, नाथूराम, करमजीत, सुनील मैडल, शारदा देवी, सिकंदर, राजेश चौबारा, अनिल सिमला, बलजीत, अमन, रवि, कृष्णा और पानीपत से बलवान माैजूद रहे।