बास। सोरखी गांव में जमीन और पोल्ट्री फार्म के हिस्से के लिए चल रहे विवाद में हाईकोर्ट चंडीगढ़ में नियुक्त आर्बिट्रेटर हितेश समेत दो पर हमला कर घायल कर दिया। पीड़ित के बयान पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जांच अधिकारी हेड कांस्टेबल राजेश ने बताया कि जींद जिले के गांव सुंदरपुर निवासी हितेश ने बयान में बताया कि उन्होंने अपने ससुर रामफल के नाम से बैंक ऑफ महाराष्ट्र के माध्यम से 12 जून 2024 को नीलामी प्रक्रिया में 16 कनाल 6 मरले जमीन खरीदी थी, जिस पर पोल्ट्री फार्म बना हुआ है। इस जमीन की अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई गई है। नीलामी के बाद बैंक अधिकारियों ने विधिवत रूप से जमीन और पोल्ट्री फार्म का कब्जा उन्हें सौंप दिया था। इसके बाद से वह नियमित रूप से फार्म की देखरेख के लिए वहां आते-जाते रहे हैं।
पीड़ित ने बताया कि 27 दिसंबर को वह अपने परिचित सत्यम के साथ पोल्ट्री फार्म की देखरेख के लिए गए थे। इसी दौरान खेत मालिक सुखीराम मौके पर पहुंचा और खेवट साझा होने का दावा करते हुए पोल्ट्री फार्म में हिस्सा मांगने लगा। आरोप है कि इसके बाद सुखीराम ने योजनाबद्ध तरीके से अपने रिश्तेदारों को मौके पर बुला लिया। संदीप और उसके एक रिश्तेदार ने बिंडे से हमला किया और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद घायल सोरखी अस्पताल पहुंचे, जहां से उन्हें हांसी के नागरिक अस्पताल रेफर कर दिया गया। बाद में हितेश को जींद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है। पुलिस ने पीड़ित के बयान पर सुखीराम, संदीप सहित अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।