हिसार। जिले में लंपी स्किन डिजीज (एलएसडी) के संदिग्ध केस मिलने के बाद पशुपालन विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। हांसी क्षेत्र में कुछ मवेशियों में लंपी के लक्षण पाए गए हैं, जिनमें से दो की मौत भी हो चुकी है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने बुधवार का अवकाश रद्द कर दिया और स्टाफ को फील्ड में ही तैनात रहने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सभी कर्मियों से रिपोर्ट मांगी है ताकि पूरे जिले की स्थिति का आकलन किया जा सके। पशुपालन विभाग ने हांसी क्षेत्र के प्रभावित इलाकों में वैक्सीन की खेप भेज दी है। साथ ही गोशालाओं को एहतियात के तौर पर नए पशु लेने पर अस्थायी रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि लंपी के फैलाव को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम तेजी से उठाए जा रहे हैं।
फील्ड स्टाफ को दिए गए विशेष निर्देश
लंपी के संदिग्ध मामलों को लेकर विभाग ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। किसी भी क्षेत्र से बीमारी की सूचना मिलते ही तत्काल सैंपलिंग और रिपोर्टिंग की जाएगी। वहीं, कार्यालय में कार्यरत स्टाफ को फील्ड से आने वाली रिपोर्ट को तुरंत संकलित कर उच्चाधिकारियों को भेजने के निर्देश दिए हैं।
निगम प्रशासन भी सतर्क, पकड़े गए पशु रहेंगे अलग
नगर निगम प्रशासन ने भी एहतियात के तौर पर अपने स्तर पर कदम उठाए हैं। निगम की पशु पकड़ने वाली टीम और गोअभयारण्य के स्टाफ को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। पकड़े जाने वाले पशुओं को कुछ दिनों के लिए अलग-अलग रखा जाएगा। लंपी के लक्षण दिखाई नहीं देने पर ही अन्य गोवंश के साथ रखा जाएगा।
गोअभयारण्य में कराया वैक्सीनेशन
निगम प्रशासन ने गोअभयारण्य में रखे गए पशुओं के लिए वैक्सीनेशन अभियान चलाया है। इस दौरान मुंहखुर व गलघोंटू बीमारी की वैक्सीन लगाई गई है। फिलहाल गोअभयारण्य में 4,257 गोवंश हैं, जिनमें गाय व नंदी शामिल हैं। निगम प्रशासन का कहना है कि गोवंश की सुरक्षा के लिए निगरानी और उपचार दोनों मोर्चों पर विशेष सावधानी बरती जा रही है।
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हमने सभी वेटरनरी सर्जन से रिपोर्ट देने को कहा है। कुछ ने रिपोर्ट भेज दी है और कुछ की रिपोर्ट बुधवार तक आ जाएगी। इस रिपोर्ट को संकलित करने के लिए कार्यालय स्टाफ को बुधवार को भी बुलाया गया है। फील्ड स्टाफ को चौकन्ना रहने को कहा गया है।
- डॉ. राजेश मलिक, एसडीओ, पशुपालन विभाग।