शुक्रवार से मंडियों में गेहूं की खरीद शुरू हो जाएगी। गेहूूं की खरीद के लिए पांच एजेंसियों के अनाज मंडियों के अनुसार दिन तय किए गए हैं। इस बार करीब 5.26 लाख मीट्रिक टन गेहूं आने की उम्मीद है। बरसात के कारण गेहूं की फसल मंडी तक आने में 15 दिन की देरी तय मानी जा रही है।
जिले में गेहूं की खरीद एक अप्रैल से शुरू हो जाएगी। 15 मई तक करीब 45 दिन तक अनाज मंडियों में सरकारी एजेंसियां गेहूं खरीदेंगी। गेहूं खरीद के लिए खाद्य आपूर्ति विभाग ने एक परचेजिंग प्लान तैयार किया है। पिछले साल 5.07 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई थी।
इस बार विभाग को 5 लाख 26 हजार एमटी गेहूं मंडियों में आने की संभावना है। पिछले साल फूड सप्लाई ने 1.59 एमटी, हैफेड ने 1.84 एमटी गेहूं खरीदा था। बारिश व मौसम में नमी के चलते गेहूं की पैदावार लेट आएगी। माना जा रहा है कि दस अप्रैल से 15 अप्रैल के बीच गेहूं की आवक शुरू हो जाएगी। हिसार अनाज मंडी में सबसे अधिक आवक होगी। इसके अलावा हांसी, बरवाला, उकलाना, बालसमंद, नारनौंद सहित अन्य मंडियों में गेहूं आएगा।
सरसों भी आएगी ज्यादा
इस वर्ष पिछले साल की अपेक्षा अनाज मंडी में सरसों की आवक अधिक आने की उम्मीद है। बृहस्पतिवार तक 11 हजार क्विंटल सरसों की आवक हो चुकी है। पिछले वर्ष सरसों की कुल आवक 75 हजार क्विंटल थी। अब तक सिर्फ 18 दिनों में 11 हजार क्विंटल सरसों की आवक हो चुकी है। मंडी में सरसों की आवक 12 मार्च से आरंभ हुई थी जो 15 अप्रैल तक जारी रहेगी।
मंडी में ऐसे रहेगी व्यवस्था
मार्केट कमेटी की ओर से सोमवार को मंडी की सड़कों पर दोनों ओर सफेद पट्टी खींची जाएगी। इसके तहत आढ़तियों के माल को सफेद पट्टी के अंदर ही सीमित रखा जाएगा। यह व्यवस्था किसानों के वाहनों को मंडी में फसलों को लाने - ले जाने के लिए की जाएगी। आढ़तियों को शेड के नीचे रखे माल को उठाने के भी निर्देश दिए गए है। मंडी में फसल को बरसात से बचाने के लिए तिरपाल आदि का प्रबंध किया जाएगा। इसके लिए आढ़तियों को निर्देश दिए गए हैं।
ठंडे पानी के लिए 9 वाटर कूलर
अनाज मंडी में आने वाले किसानों को इस बार ठंडा पानी मिलेगा। इसके लिए मंडी में अलग अलग स्थानों पर 9 वाटर कूलर लगाए गए हैं। किसानों के लिए शेड खाली करवा दिए गए है। सभी शेड को खाली करवा कर सफाई कराई गई है।
मंडी में सरसों व गेहूं को अच्छी तरह साफ करवाकर व सुखा कर लाएं। मंडी की ओर से नमी के तय मानकों के अनुसार की खरीदारी की जाएगी। एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हो जाएगी।
- पूनम पूनिया श्योराण, सचिव, मार्केट कमेटी, हिसार
सरकार की ओर से तय किए गए भाव
गेहूं - 1525 रुपये क्विंटल
जौ - 1225 रुपये क्विंटल
चना - 3425 रुपये के अलावा 75 रुपये बोनस
सरसों - 3350 रुपये
मसूर - 3325 रुपये के अलावा 75 रुपये बोनस
14 प्रतिशत से ज्यादा नमी तो नहीं खरीदेंगे गेहूं
गेहूं में 12 प्रतिशत से अधिक नमी नहीं होनी चाहिए। गेहूं में 12 से 14 प्रतिशत तक नमी होगी तो वैल्यू कट के साथ गेहूं खरीदा जाएगा। यानी गेहूं के वजन में कुछ कटौती कर ली जाएगी। अगर 14 प्रतिशत से अधिक नमी मिली तो गेहूं को किसी सूरत में नहीं खरीदा जाएगा।
कौन कितना खरीदेगा गेहूं
खाद्य आपूर्ति विभाग - 33 प्रतिशत
हैफेड - 33 प्रतिशत
हरियाणा वेयर हाउसिंग कारपोरेशन - 12 प्रतिशत
हरियाणा एग्रो - 10 प्रतिशत
एफसीआई - 12 प्रतिशत