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Hisar News: सात साल से अधूरा अमृत...पेयजल लाइन न बिछने से अटका सड़क निर्माण

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हिसार। अमृत योजना सातरोड के निवासियों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। योजना की शुरुआत हुए 7 साल हो चुके हैं, लेकिन अब तक कार्य पूरा नहीं हो सका है। पेयजल लाइन न बिछने के कारण क्षेत्र में सड़कों का निर्माण भी अटका हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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अमृत योजना के तहत वार्ड-11 में लगभग 35 किलोमीटर लंबी पेयजल पाइप लाइन बिछाई जानी थी। अक्तूबर 2018 में एक एजेंसी को वर्क ऑर्डर जारी किया गया था और मार्च 2020 तक कार्य पूरा करने की समय-सीमा तय की गई थी। हालांकि, एजेंसी समय पर काम पूरा नहीं कर पाई। अतिरिक्त समय देने के बावजूद मई 2021 में काम पूरी तरह बंद कर दिया गया।
इसके बाद जनवरी 2022 में नगर निगम प्रशासन ने एजेंसी का टेंडर क्लॉज-3 के तहत रद्द कर दिया और मुख्यालय से नए टेंडर की अनुमति मांगी, जो अगस्त 2023 में प्राप्त हुई। अप्रैल 2024 में चौथी बार टेंडर जारी किया गया, जो सफल रहा और काम अलॉट किया गया। दिसंबर 2024 में नई पाइपें भी पहुंच गईं। इस वर्ष 7 जनवरी 2025 को हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने नारियल फोड़कर पेयजल पाइप लाइन के कार्य का शुभारंभ किया। इस योजना पर कुल 19.32 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
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गांव की गलियों में फैला कीचड़
7 साल बाद भी सातरोड की काफी गलियों में पेयजल लाइन नहीं बिछी है, जिस कारण इन गलियों में सड़कों का निर्माण नहीं हो पा रहा है। वहीं कुछ गलियों में पेयजल लाइन बिछाने के बाद भी इनमें सड़क निर्माण नहीं किया जा रहा है। हालात यह है कि थोड़ी सी बारिश होते ही इन गलियों में कीचड़ हो जाता है और आने-जाने में काफी दिक्कत होती है। मजबूरी में कुछ लोगों ने अपने खर्च से ही सड़क निर्माण करवा लिया है।
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लाइन बिछाते समय सीवर कनेक्शन तोड़े
उधर, गलियों में पेयजल लाइन बिछाते समय सीवर कनेक्शन भी तोड़े जा रहे हैं। लोगों का आरोप है कि ठेकेदार इन सीवर कनेक्शन को जोड़ नहीं रहा है। लोगों को अपने खर्चे से ही सीवर कनेक्शन जुड़वाने पड़ रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि वह दो-दो बार अपने खर्च पर सीवर कनेक्शन जुड़वा चुके हैं। लोगों के मुताबिक सीवर कनेक्शन के टूटने से गंदा पानी घरों में आ रहा है। आदमी तो दूर पशु भी इस पानी को नहीं पी रहे हैं।
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कई घरों में कनेक्शन छोड़े, लाइन में जगह-जगह लीकेज
लोगों का आरोप है कि ठेकेदार ने बीच-बीच में कई घरों में पानी के कनेक्शन नहीं कर रहा है। वहीं बिछाई गई पेयजल लाइन में भी जगह-जगह लीकेज है, जिससे पानी रिसकर गलियों में इकट्ठा हो रहा है। इसके अलावा गांव की सीवर व्यवस्था भी ठप पड़ी है। मैनहोल ओवरफ्लो होने से गलियों में सीवर का गंदा पानी जमा हो रखा है जिससे भी लोगों का आना-जाना मुश्किल हो गया है। इस गंदे पानी में मच्छर-मक्खी भी पैदा हो रहे हैं।

- यह अमृत योजना हमारे लिए जगह बन गई है। पता नहीं इस योजना के तहत काम कब पूरा होगा। पिछले 7 साल से हम इस योजना के कारण परेशानी झेल रहे हैं। - राजकुमार जांगड़ा
- थोड़ी सी बारिश आते ही इस एक नंबर गली में कीचड़ हो जाता है। बारिश न आए तो दिन भर धूल मिट्टी उड़ती है। जल्द से जल्द इस लगी में पेयजल लाइन बिछाकर सड़क का निर्माण करवाया जाए। - यश
- दो बार मेरे घर का सीवर कनेक्शन तोड़ा जा चुका है। दोनों बार मैंने अपने खर्च पर ही सीवर कनेक्शन ठीक करवाया है। अब भी लाइन बिछाने के एक माह बाद पानी का कनेक्शन जोड़ा गया है। - मंजू शर्मा
- पेयजल लाइन बिछाते समय सीवर कनेक्शन तोड़ दिया। अब घर में गंदा व बदबूदार पानी आ रहा है। पेयजल लाइन में भी लीकेज है। इसकी भी सुध नहीं ली जा रही है। - बीर सिंह
- यह अमृत योजना यहां के लोगों के लिए गले की फांस बन गई है। इसका अंदाजा इसी से लगाय जा सकता है कि 7 साल बाद भी काम अधूरा पड़ा है। - चमन लाल
- बसंती माता मंदिर वाली गली में ठेकेदार ने कई घरों में पानी के कनेक्शन ही नहीं किए। जिन घरों में कनेक्शन किए, उनमें भी गंदा पानी आ रहा है, जो जरा भ पीने लायक नहीं है। - भतेरी
- दसमी मंदिर वाली गली में करीब 4-5 माह पहले पेयजल लाइन बिछा दी थी लेकिन आज तक सड़क का निर्माण नहीं किया गया। गली के सीवर भी ओवरफ्लो पड़े हैं। इस कारण से गली में आने-जाने का रास्ता ही बंद हो गया है। - शिव कुमार मित्तल
- ठेकेदार ने ढींगड़ा वाली गली में पेयजल लाइन बिछा दी लेकिन जब काफी समय सड़क का निर्माण नहीं किया गया तो गली के लोगों ने अपने खर्च से सड़क का निर्माण करवा लिया। - राधेश्याम
- पूरे सातरोड़ के हालात खराब है। न तो पेयजल लाइन बिछने का काम पूरा हो रहा है और न ही सड़क बनाई जा रही है। पिछले 7 साल से एरिया के लोग नरकीय जीवन जीने को मजबूर हो रहे हैं। - बलवंत सिंह
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