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गेंहू, सरसों व जई की किस्मों के लिए प्राइवेट बीज कंपनी के साथ हुआ समझौता

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समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के दौरान मौजूद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बी.आर. काम्बोज, कंपनी के ? - फोटो : Hisar
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हिसार। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) की ओर से विकसित गेहूं, सरसों व जई की उन्नत किस्मों का अब हरियाणा ही नहीं बल्कि देश के अन्य प्रदेशों के किसानों को भी लाभ मिल सकेगा। इसके लिए विश्वविद्यालय ने पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत तकनीकी व्यवसायीकरण को बढ़ावा देते हुए निजी क्षेत्र की प्रमुख बीज कंपनी से समझौता किया है।
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कुलपति प्रो. बीआर कांबोज ने कहा कि उपरोक्त समझौते के तहत कंपनी विश्वविद्यालय द्वारा विकसित गेहूं की डब्लयूएच 1270, सरसों की आरएच 725 व जई की ओएस 405 किस्मों का बीज तैयार कर किसानों तक पहुंचाएंगी। पिछले एक साल में विभिन्न प्राइवेट कंपनियों के साथ इस प्रकार के दस एमओयू किए जा चुके हैं। विश्वविद्यालय की ओर से गुरुग्राम की मैसर्ज देव एग्रीटेक प्रा.लि. को तीन वर्ष के लिए गैर एकाधिकार लाइसेंस प्रदान किया गया। विश्वविद्यालय की ओर से अनुसंधान निदेशक डॉ. जीत राम शर्मा जबकि देव एग्रीटेक की ओर से प्रबंध निदेशक डॉ. यश पाल यादव ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस मौके पर कुलपति के ओएसडी डॉ. अतुल ढींगड़ा, मानव संसाधन प्रबंधन निदेशक डॉ. मंजू महता, कृषि कालेज के अधिष्ठाता डॉ. एसके पाहुजा, डॉ. पवन कुमार, डॉ. अनिल कुमार यादव, डॉ. ओपी बिश्नोई, डॉ. योगेश जिंदल, डॉ. रामअवतार, कपिल अरोड़ा, डॉ. विनोद कुमार आदि मौजूद रहे।
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