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आंदोलनकारियों की दो टूक, जब तक मांगें पूरी नहीं होगी दाह-संस्कार नहीं करेंगे

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हिसार। खेदड़ गांव के पास थर्मल पावर प्लांट की राख के लिए आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच हुए टकराव के बाद शनिवार को धरना कमेटी और किसान संगठनों के प्रतिनिधि, टोल और खापों के प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में सर्व सहमति से 15 सदस्यीय कमेटी का गठन किया और तीन सदस्य संयुक्त किसान मोर्चा के नेता राकेश टिकैत, गुरनाम सिंह चंढुनी और कामरेड इंद्रजीत सिंह को आमंत्रित सदस्य के तौर पर रखा गया। किसान धर्मपाल सहारण की मौत मामले में धरने पर बैठे किसानों ने कमेटी के आह्वान पर शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है। 15 सदस्यीय कमेटी का कहना है कि जब तक सभी मांगें पूरी नहीं हो जाती शव नहीं उठाएंगे। वहीं मृतक के परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए। गिरफ्तार किए आंदोलनकारियों को बिना शर्त रिहा किया जाए और दर्ज मुकदमे रद्द हों।
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किसान के सिर पर चोट के निशान
कमेटी की ओर से जारी प्रेस ब्यान में कहा गया है कि हम प्रशासन से बातचीत करने के लिए तैयार है। प्रशासन जानबूझ कर टाल-मटोल कर रहा है। हम शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखेंगे। पुलिस ने धर्मपाल की मौत ट्रैक्टर के नीचे आने से बताई है, यह बिल्कुल झूठ है। धर्मपाल की मौत पुलिस की लाठियां लगने से हुई है। कमेटी का दावा है कि पोस्टमार्टम के वक्त हमारा एक साथी अंदर गया था और पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी हुई है। धर्मपाल के सिर पर चोट के निशान हैं बाकी शरीर पर कोई निशान नहीं है। उनका कहना है कि सिर पर डंडे लगने की चोट के निशान है। ट्रैक्टर के नीचे आने वाले जिस व्यक्ति की फोटो अखबार में प्रकाशित हुई है और वीडियो वायरल है वह आदमी तो जिंदा है, इस बात के हमारे पास सबूत हैं। अगर धर्मपाल की मौत ट्रैक्टर के नीचे आने से होती तो उसकी बॉडी पर और भी निशान होते।
15 सदस्यीय कमेटी गठित
खेदड़ गांव के धरना कमेटी और किसान संगठनों के प्रतिनिधि, टोल और खापों के प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में सर्व सहमति से 15 सदसीय कमेटी का गठन किया और तीन सदस्य संयुक्त किसान मोर्चा के नेता नेता राकेश टिकैत, गुरनाम सिंह चंढुनी और कामरेड इंद्रजीत सिंह को आमंत्रित सदस्य के तौर पर रखा गया। कमेटी सदस्य शमशेर सरपंच खेदड़, कलीराम खेदड़, सतेंद्र सहारण, जोगीराम सिहाग खेदड, दयानंद शर्मा, जोगिंद्र सिंह नैन, सुरेश कोथ, विकास सिसर, नरेश भ्याण, शमशेर नंबरदार, रणबीर मलिक, हरिकेश काबरछा, रवि आजाद, सुदेश कंडेला शामिल किए हैं।
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आरोप : प्रशासनिक अधिकारी करते रहे परेशान
अग्रोहा। मेडिकल कॉलेज अग्रोहा के शवगृह के बाहर पहुंचे मृतक धर्मपाल के परिजन व गोशाला संघर्ष कमेटी के सदस्य पहुंचे। वीरवार शाम 5 बजे मृतक धर्मपाल के परिजन व गोशाला संघर्ष कमेटी के सदस्य शव लिए बिना आंदोलनकारियों के बीच लौट आए। संघर्ष कमेटी के सदस्यों का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारी दिन भर परेशान करते रहे। कभी पोस्टमार्टम के लिए बनाए गए पैनल में उनके किसी भी सदस्य को शामिल न करने को लेकर बहस हुई तो कभी शव का सीधा दाह संस्कार करने जैसी बातें कही गईं। दोपहर बाद करीबन 3 बजे धर्मपाल के शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया।
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