हिसार। नगर निगम प्रशासन ने शुक्रवार को तीन माह बाद उधार की गाड़ी से दोबारा पशु पकड़ने का अभियान शुरू किया है। पहले ही निगम की पशु पकड़ने वाली टीम ने पटेल नगर व प्रीति नगर से 24 गोवंश पकड़े, जिनमें 8 नंदी थे। इन्हें पकड़कर गोअभयारण्य पहुंचाया गया।
उधर, निगम की तरफ से पशु पकड़ने को लेकर दो नई गाड़ी खरीदने के लिए एजेंसी से मोल-भाव कर लिया है। अब निगमायुक्त की तरफ से वर्क ऑर्डर जारी करने के बाद निगम को गाड़ी उपलब्ध हो जाएंगी। इसके अलावा 9 मई से गो सेवा फाउंडेशन गोअभयारण्य का रखरखाव करेगी। बता दें कि बेसहारा पशुओं के कारण हुए हादसों के बाद निगम प्रशासन ने पिछले वर्ष सितंबर में पशु पकड़ने का अभियान शुरू किया था। इस दौरान मंगाली गोशाला की गाड़ी इस्तेमाल में ली गई थी। मगर दिवाली के पास गोशाला ने अपनी गाड़ी को वापस ले लिया था, जिस कारण करीब दो माह तक अभियान बंद रहा था। गोशाला से गाड़ी मिलने पर जनवरी में फिर से अभियान शुरू किया था, लेकिन करीब एक माह बाद अभियान बंद हो गया था। सितंबर से लेकर फरवरी के मध्य तक निगम ने शहर से 900 से ज्यादा पशुओं को पकड़कर गोअभयारण्य पहुंचाया था।
अभियान में पशुपालकों ने पहुंचाई बाधा तो बुलानी पड़ी पुलिस
निगम की पशु पकड़ने वाली टीम शुक्रवार को पटेल नगर एरिया में पशु पकड़ रही थी। इसी बीच एक महिला पशुपालक ने अभियान में बाधा डालने की कोशिश की। इस पर निगम कर्मचारियों ने तुरंत डायल 112 फोन कर दिया। करीब 10 मिनट में पुलिस मौके पर पहुंच गई। निगम ने अभियान के दौरान पुलिस कर्मचारी उपलब्ध कराने के लिए एसपी को पत्र लिख दिया है। निगम ने पुलिस प्रशासन से एक पीसीआर व दो राइडर उपलब्ध करवाने को कहा है।
गो सेवा फाउंडेशन तीन साल तक गोअभयारण्य का करेगा रखरखाव
निगम प्रशासन ने गोअभयारण्य के रखरखाव का जिम्मा गो सेवा फाउंडेशन को तीन साल के लिए सौंप दिया है। 9 मई से गोअभयारण्य के रखरखाव की जिम्मेदारी फाउंडेशन के हाथों में आ जाएगी। टेंडर की शर्तों के अनुसार निगम प्रशासन फाउंडेशन को 20 रुपये प्रति पशु के हिसाब से खर्च देगा।