रोडवेज विभाग के कर्मचारियों की मनमानी इस कदर बढ़ चुकी है कि अब अधिकारियों की ओर से ड्यूटी लगाए जाने पर कर्मचारी सीधा जवाब देने लगे हैं।
दरअसल सोमवार शाम को रोडवेज वर्कशॉप मैनेजर ने दो कर्मचारियों की ड्यूटी तेल के टैंकर पर लगा दी थी, जिस पर दोनों कर्मचारियों ने ड्यूटी करने से मना कर दिया।
जिस पर वर्कशॉप मैनेजर की अनुशंसा पर जीएम ने दोनों कर्मचारियों को शाम को ही सस्पेंड कर दिया। मंगलवार सुबह यूनियन के साथ कर्मचारियों ने वर्कशॉप में ही नारेबाजी शुरू कर दी।
सुबह चली लंबी बैठक
नारेबाजी करने के बाद रोडवेज कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधि दलबीर किरमारा, राजपाल नैन, दिलबाग गिल, रमेश सैनी के अलावा दोनों कर्मचारी हेमराज और राजेंद्र की जीएम कुशल कटारिया और वर्कशॉप मैनेजर जितेंद्र यादव के साथ करीब दो घंटे से भी ज्यादा समय तक बैठक चली।
बैठक में जब इस बात का पता लगाया गया कि टैंकर पर ड्यूटी किसकी लगनी चाहिए तो स्पष्ट हुआ कि अधिकारी कर्मचारिया में से जिसकी चाहे, उसकी ड्यूटी लगा सकते हैं।
इसके बाद काफी देर तक बहस के बाद दोनों कर्मचारियों ने अधिकारियों से माफी मांगी और आश्वस्त किया कि वे तेल टैंकर पर भी ड्यूटी देंगे, जिसके बाद महाप्रबंधक ने दोनों कर्मियों को बहाल कर दिया।
ड्यूटी से मना किया था : यादव
इस संबंध में वर्कशॉप मैनेजर जितेंद्र यादव का कहना है कि उन्होंने दोनों कर्मचारियों की तेल टैंकर पर ड्यूटी लगाई थी, लेकिन कर्मचारियों ने ड्यूटी करने से मना कर दिया। फिर दोनों को समझाया गया कि काम तो करना होगा।
गलती पर एक्शन तो होगा : जीएम
महाप्रबंधक कुशल कटारिया का कहना है कि कर्मचारियों ने गलती की थी, जिस पर एक्शन लिया गया है। इस तरह अधिकारियों के साथ बदतमीजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अब कर्मचारियों द्वारा आदेशों के मुताबिक ड्यूटी करने का आश्वासन देने पर मामला सुलझा लिया गया है।