देशभर में प्रिंटिंग के डिग्री और डिप्लोमा कोर्सों के लिए अब एक सिलेबस देखने को मिलेगा, जिससे छात्रों को अब रोजगार प्राप्त करने में किसी दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा। ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ मास्टर प्रिंटर एसोसिएशन के प्रयासों से यह सब संभव हो पाएगा।
गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी विभाग द्वारा ‘यूनिफॉर्म सिलेबस डेवलपमेंट फॉर डिप्लोमा एंड बैचलर प्रोग्राम इन प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी’ विषय पर दो दिवसीय नेशनल कांफ्रेंस रविवार को संपन्न हो गया। कांफ्रेंस के आखिरी दिन सिलेबस का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है और जल्द ही सरकार से पास करवा लिया जाएगा। साथ ही ऑल इंडिया प्रिंटिंग इंजीनियरिंग सोसायटी का गठन किया गया है, जो समय-समय पर सिलेबस में बदलाव करेगी।
दो दिवसीय नेशनल कांफ्रेंस में आखिरकार रविवार को इतिहास बन गया। प्रिंटिंग के डिग्री और डिप्लोमा कोर्सों के लिए आखिरकार ड्राफ्ट बनकर तैयार हो गया। ड्राफ्ट तैयार होने के साथ ही अब देश भर के प्रिंटिंग के डिग्री और डिप्लोमा कोर्सों के लिए एक ही सिलेबस होगा। यह कांफ्रेंस नॉर्थ इंडिया प्रिंटिंग एसोसिएशन लुधियाना के जनरल सेक्रेटरी कमल मोहन चोपड़ा, टीआईटीएस भिवानी के निदेशक प्रो. राजेंद्र कुमार अनायथ, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्रेस मैनेजर एमके मुद्गिल के कोर्डिनेशन के तहत इस सिलेबस को तैयार किया गया है। गुजवि के प्रिटिंग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अंजन कुमार बराल ने कांफ्रेंस को कोर्डिनेट किया।
प्रिंटिंग के डिग्री और डिप्लोमा विषय के लिए पांच-पांच सदस्यीय टीम का गठन किया गया था, जिसने डिग्री सिलेबस के कोर्डिनेटर अन्ना यूनिवर्सिटी चेन्नई के प्रोफेसर बी कुमार और उनकी चार सदस्यीय टीम थी। डिप्लोमा कोर्स कोर्डिनेटर तमिलनाडु यूनिवर्सिटी के डॉ. नंद किशोर और उनकी चार सदस्यीय टीम थी। जिन्होंने दिन रात प्रोफेसरों के साथ मिलकर सिलेबस का ड्राफ्ट तैयार किया। सभी को कोर्डिनेट करने का काम टीटस भिवानी के डायरेक्टर प्रो. राजेंद्र कुमार अनायथ ने किया।
यह होगा छात्रों को लाभ
- देश-विदेश में छात्रों को प्रिंटिंग और पैकेजिंग में मिलेंगे बेहतर अवसर। सिलेबस एक समान नहीं है, यह परेशानी नहीं आएगी।
- इंडस्ट्री के अनुरूप सिलेबस होने से इंडस्ट्री से मिलेंगे रोजगार के बेहतर अवसर और पैकेज।
- सिलेबस में इंडस्ट्री के अनुसार होता रहेगा बदलाव, छात्रों को इंडस्ट्री की नई तकनीकों के बारे में जानकारी मिलती रहेगी।
- इंडस्ट्री स्वयं छात्रों को नई मशीनों के बारे में ट्रेनिंग देगी।