हिसार। राजगुरु मार्केट में रविवार दोपहर करीब 12 बजे स्कूल ड्रेस की चार मंजिला दुकान की तीसरी और चौथी मंजिल पर आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि दोनों मंजिलों की ईंटों से बनी छत भी ढह गई। गनीमत रही कि आग आसपास की दुकानों में नहीं फैली। फायरकर्मियों ने नौ दमकल वाहनों की मदद से करीब ढाई घंटे में आग पर काबू पा लिया। प्रथम दृष्टया शॉर्ट सर्किट से आग लगने का कारण सामने आया है।
राजगुरु मार्केट में तेलियान पुल के पास पीएलए निवासी रणवीर की अनिल ड्रेस (दुकान संख्या 462) नाम से दुकान है। चार मंजिला इस दुकान के भूतल पर जनरल स्टोर है जिसे उनके भाई अनिल संभालते हैं। दूसरी और तीसरी मंजिल पर स्कूल ड्रेस का काम होता है और चौथी मंजिल पर कारीगर सिलाई करते हैं। ड्रेस सिलाई संबंधी कपड़े व अन्य सामान भी यहीं रखा था। तीसरी मंजिल पर मौजूद कर्मचारी ने अचानक धुआं देख जनरल स्टोर में बैठे अनिल को इसकी जानकारी दी। इससे हड़कंप मच गया। व्यापारियों और राहगीरों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। कुछ ही देर में दो बड़ी दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। तब तक आग चौथी मंजिल तक फैल गई। इस मंजिल का आगे का हिस्सा फाइबर शीट से बना था जो आग के आगे फैलने की बड़ी वजह बना। दमकलकर्मियों ने पास की दुकानों पर चढ़कर आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन नाकाम रहे। इस दौरान तीसरी दमकल गाड़ी भी पहुंच गई। व्यापारी और राहगीर भी मदद करने में जुट गए।
धमाकों के साथ फैलती गई आग
आग लगने के दौरान तीसरी और चौथी मंजिल से धमाकों की आवाज सुनाई देती रही। दोनों मंजिलों की छत के किनारे के हिस्सों में दरारें आ गईं और इनसे भी धुआं बाहर निकलने लगा। करीब डेढ़ घंटे तक आग बुझाने के कोई प्रयास सिरे नहीं चढ़े। इसके बाद दुकान के पीछे की साइड से आग बुझाने के प्रयास शुरू किए गए। दमकलकर्मी और मदद में जुटे लोग पीछे की दुकान पर चढ़े और पानी फेंकने लगे। हालांकि इस दौरान ऊंचाई तक पानी पहुंचाने में प्रेशर की समस्या आई। आग से अंगारों की तरह गर्म हो चुकी छतों पर पानी डालते ही वे ढहने लगीं। शुरुआत में चौथी मंजिल की छत के बीच का हिस्सा गिरा जो बाद में धीरे-धीरे बढ़ता गया। इस दौरान आग की लपटें उठती रहीं।
धुएं के कारण आग बुझाने में आई समस्या
धुआं अधिक होने के कारण दमकलकर्मियों को आग बुझाने में काफी समस्या आई। शुरुआत में नीचे से पानी फेंका गया लेकिन इसका कुछ असर नहीं हुआ। इसके बाद पीछे व साइड की दुकानों से बचाव अभियान चलाया गया। चौथी मंजिल के गिरे हुए हिस्से के जरिए पानी डाला गया। बावजूद इसके आग नहीं बुझी।
तीन गाड़ियों में पानी खत्म, फिर से फैली आग
आग बुझाने के दौरान शुरुआत में आईं तीन दमकल गाड़ियों में पानी खत्म हो गया। इसके चलते फिर से आग ने जोर पकड़ लिया। करीब 20 मिनट बाद चौथी गाड़ी आई और फिर से आग बुझाने के प्रयास शुरू किए गए। दोपहर करीब ढाई बजे तक आखिर आग बुझा दी गई। हालांकि, तब तक दोनों मंजिलों में रखा माल पूरी तरह जलकर राख हो चुका था।
दुकान में नहीं थे आग बुझाने के इंतजाम
चार मंजिला दुकान में आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। दमकलकर्मियों के अनुसार, अग्निशमन उपकरण उपलब्ध होते तो आग को शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रित किया जा सकता था।
बेतरतीब पार्किंग बनी बाधा
राजगुरु मार्केट में सड़कों पर आड़े-तिरछे खड़े वाहन दमकल गाड़ियों के लिए बाधा बने। लोगों ने रास्ते में खड़े वाहनों को हटाकर गाड़ियों के लिए रास्ता बनाया। एक दुकान के आगे लगे शेड से दमकल की एक गाड़ी का शीशा भी टूट गया। नीचे लटक रही इंटरनेट केबल से भी परेशानी हुई।
हांसी-आदमपुर से मंगवाईं गाड़ियां
दमकलकर्मियों की हड़ताल के बावजूद आग पर काबू पाने के लिए नौ गाड़ियां लगाई गईं। हिसार मुख्य दमकल केंद्र से पांच, अनाज मंडी और आजाद नगर से एक-एक और हांसी व आदमपुर से भी एक-एक गाड़ी मौके पर पहुंची। आग बुझाने में पानी के साथ फोम का इस्तेमाल भी किया गया।
डायल 112 पर संपर्क नहीं हो सका
दुकान मालिक रणवीर ने आग लगने के बाद डायल 112 पर फोन करने का प्रयास किया, लेकिन नंबर व्यस्त मिला। इसके बाद बरवाला रोड स्थित दमकल केंद्र के लैंडलाइन नंबर पर सूचना दी गई। दुकान मालिक खुद स्कूटी लेकर दमकल केंद्र गए, ताकि सूचना दी जा सके।
मार्केट में पार्किंग व्यवस्था सुधरे, स्थायी दमकल गाड़ी की मांग
राजगुरु मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान सुरेंद्र बजाज ने पार्किंग व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि अवैध रूप से लगाए गए शेड हटाए जाएं और दुकानों में अग्निशमन यंत्र अनिवार्य रूप से लगवाए जाएं। उन्होंने मार्केट में दमकल की एक गाड़ी स्थायी रूप से तैनात करने की मांग भी की।