नारनौंद। गांव पेटवाड़ में वीरवार को मां की मौत के कुछ घंटे बाद ही उसके बेटे ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। इससे पहले पुलिस को फोन कर जानकारी दी और सुसाइड नोट भी लिखा। दो पेज के सुसाइड नोट में अपनी बहनों, जीजा व भांजे को जिम्मेदार ठहराया है। एक ही दिन में मां-बेटे की मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है।
पुलिस के मुताबिक 80 वर्षीय प्रेम देवी की बीमारी के कारण सुबह मौत हो गई थी। इसके बाद 50 वर्षीय बेटे वीरेंद्र ने भी जहरीला पदार्थ खा लिया। गंभीर हालत में उसे पहले नारनौंद के सरकारी अस्पताल और फिर हिसार के नागरिक अस्पताल ले जाया गया जहां उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस को दी रिपोर्ट में पेटवाड़ निवासी विजेंद्र ने बताया कि उसकी चाची प्रेम देवी लंबे समय से बीमार थीं और बुधवार से हिसार के नागरिक अस्पताल में भर्ती थीं। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद वीरेंद्र ने जहर की गोलियां खा लीं। अस्पताल ले जाते समय उसने अपने हाथ से लिखा दो पन्नों का सुसाइड नोट उसे सौंपा। इसमें अपनी मौत के लिए बहनों सुमित्रा और बेदो उर्फ बेदड़ी, जीजा राजाराम और भांजे सोनू को जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस जांच में सामने आया कि एक दिन पहले अस्पताल में जमीन विवाद को लेकर वीरेंद्र का अपनी दोनों बहनों, जीजा और भांजे के साथ विवाद हुआ था। जमीन को लेकर यह विवाद पहले से ही चल रहा था।
जहर खाकर डायल-112 पर दी सूचना
पुलिस के अनुसार जहरीला पदार्थ खाने के बाद वीरेंद्र ने खुद डायल-112 पर फोन कर सूचना दी थी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और उसे अस्पताल पहुंचाया गया। वीरेंद्र के पिता ओमप्रकाश का करीब तीन वर्ष पहले निधन हो चुका था। परिवार में उसकी दो विवाहित बहनें हैं।
पुलिस ने कब्जे में लिया सुसाइड नोट
घटना की सूचना मिलने के बाद नारनौंद थाना प्रभारी इंस्पेक्टर जितेंद्र सिंह ढिल्लो टीम के साथ मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने गांव पेटवाड़ पहुंचकर घटनास्थल की जांच की और वीरेंद्र द्वारा लिखा सुसाइड नोट कब्जे में लिया। जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर रमेश चंद्र ने बताया कि मृतक के परिजनों के बयान और सुसाइड नोट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने की प्राथमिकी दर्ज की है। फोरेंसिक रिपोर्ट, सुसाइड नोट की जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।